Tuesday, October 20, 2026
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Mirzapur The Movie विवाद: ‘शूरवीर’ गाने पर भड़के रैपरिया बालम, बोले- ‘महाराणा प्रताप और राजस्थान का अपमान बर्दाश्त नहीं’

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Mirzapur The Movie – वेब सीरीज़ ‘मिर्जापुर’ की धमाकेदार कहानी को बड़े पर्दे पर ले जाने वाली ‘मिर्जापुर द मूवी’ सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है, लेकिन फिल्म को लेकर अब एक नया विवाद छिड़ गया है। इस बार बहस फिल्म की कहानी या एक्टिंग को लेकर नहीं, बल्कि उसमें इस्तेमाल हुए एक गाने ‘शूरवीर’ को लेकर है।

राजस्थान के मशहूर कलाकार और सिंगर रैपरिया बालम ने फिल्म के निर्माताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं – उनका कहना है कि उनका चर्चित गाना ‘शूरवीर’ फिल्म में बिना अनुमति और गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है।

आखिर क्या है पूरा विवाद?

मामला सिर्फ कॉपीराइट का नहीं, भावनाओं से जुड़ा है। रैपरिया बालम के मुताबिक, ‘शूरवीर’ कोई मामूली गाना नहीं – यह महाराणा प्रताप की वीरता, उनके संघर्ष और राजस्थान की गौरवशाली परंपरा से प्रेरित रचना है।

कलाकार की आपत्ति दो मोर्चों पर है:

  • बिना अनुमति इस्तेमाल: आरोप है कि फिल्म मेकर्स ने गाने के उपयोग से पहले उनसे संपर्क या अनुमति तक नहीं ली।
  • गलत संदर्भ: महाराणा प्रताप के शौर्य को समर्पित गाने को फिल्म में गैंगस्टर्स और अपराध से जुड़े दृश्यों के साथ जोड़ा गया – जो कलाकार को बिल्कुल उचित नहीं लगा।

रैपरिया बालम का दर्द उनके इन शब्दों से साफ झलकता है – गाने के इस प्रयोग से उन्हें “राजस्थान और महाराणा प्रताप की विरासत के प्रति अनादर” जैसा महसूस हुआ।

कलाकार का तीखा सवाल: “संपर्क क्यों नहीं किया?”

रैपरिया बालम ने मेकर्स से सीधा सवाल भी उठाया – अगर फिल्म टीम को उनका गाना इतना पसंद आया था, तो उनसे सीधे संपर्क क्यों नहीं किया गया?

उनका कहना है कि वे खुद टीम को इसी भावभूमि से जुड़े और भी गाने उपलब्ध करा सकते थे, जो फिल्म के लिए बेहतर फिट बैठते। यानी कलाकार की नाराजगी सिर्फ इस्तेमाल को लेकर नहीं, बल्कि अनदेखी और बायपास किए जाने को लेकर भी है।

फिल्म की टीम: कौन-कौन है इस विवाद के केंद्र में?

विभागनाम
फिल्ममिर्जापुर द मूवी
निर्देशकगुरमीत सिंह
कहानी/लेखनपुणीत कृष्णा
निर्मातारितेश सिधवानी और फरहान अख्तर (Excel Entertainment)
मुख्य कलाकारपंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार, रवि किशन
विवादित गानाशूरवीर
शिकायतकर्तारैपरिया बालम (राजस्थानी सिंगर-कलाकार)

फिल्म वेब सीरीज़ ‘मिर्जापुर’ की कहानी को आगे बढ़ाती है, और इसमें बॉलीवुड के दिग्गज चेहरे नजर आ रहे हैं।

मेकर्स की चुप्पी: अभी इंतजार आधिकारिक बयान का

इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि फिल्म की टीम या मेकर्स की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गाने के अधिकारों और फिल्म में इसके इस्तेमाल की अनुमति को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

अब सबकी नजरें Excel Entertainment पर टिकी हैं – क्या मेकर्स इस मामले में अपना पक्ष रखेंगे, या मामला कानूनी रास्ते पर जाएगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. मिर्जापुर द मूवी का ‘शूरवीर’ गाना विवाद क्या है?

राजस्थानी सिंगर रैपरिया बालम ने आरोप लगाया है कि फिल्म मेकर्स ने उनका गाना ‘शूरवीर’ बिना अनुमति और गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया। गाना महाराणा प्रताप की वीरता पर आधारित है, जबकि फिल्म में इसे गैंगस्टर्स से जुड़े दृश्यों में इस्तेमाल किया गया।

Q2. रैपरिया बालम कौन हैं?

रैपरिया बालम राजस्थान के जाने-माने कलाकार और सिंगर हैं, जो राजस्थानी संस्कृति और लोक संगीत को आधुनिक अंदाज़ में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। ‘शूरवीर’ उनका चर्चित गाना है, जो महाराणा प्रताप के शौर्य और राजस्थान की गौरवशाली परंपरा को समर्पित है।

Q3. रैपरिया बालम को गाने के इस्तेमाल से क्या आपत्ति है?

उनकी दो मुख्य आपत्तियां हैं – पहली, गाने का उपयोग उनकी अनुमति के बिना किया गया। दूसरी, महाराणा प्रताप की वीरता पर बने गाने को अपराध और गैंगस्टर किरदारों वाले दृश्यों में इस्तेमाल किया गया, जिससे उन्हें राजस्थान और महाराणा प्रताप की विरासत के प्रति अनादर महसूस हुआ।

Q4. मिर्जापुर द मूवी के निर्माता और कलाकार कौन हैं?

फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और लेखन पुणीत कृष्णा का है। इसे रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने Excel Entertainment के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन मुख्य भूमिकाओं में हैं।

Q5. क्या फिल्म मेकर्स ने विवाद पर प्रतिक्रिया दी है?

नहीं, अभी तक फिल्म की टीम या मेकर्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। गाने के अधिकारों को लेकर सही स्थिति संबंधित पक्षों के बयान के बाद ही स्पष्ट होगी।

Q6. क्या यह मामला कानूनी रास्ते पर जा सकता है?

यदि गाने का उपयोग वाकई कॉपीराइट धारक की सहमति के बिना हुआ है, तो कलाकार कानूनी कार्रवाई का विकल्प अपना सकते हैं। हालांकि, अभी स्थिति यही है कि दोनों पक्षों के आधिकारिक बयानों का इंतजार है।

विश्लेषण: कल्चर और कॉमर्स के बीच टकराव

यह विवाद सिर्फ एक गाने की अनुमति का नहीं है – यह उस बड़े सवाल को उठाता है कि राजस्थानी संस्कृति और लोक भावनाओं से जुड़ी रचनाओं का उपयोग मुख्यधारा के कमर्शियल सिनेमा में किस हद तक और किस संदर्भ में उचित है।

महाराणा प्रताप सिर्फ राजस्थान ही नहीं, पूरे देश की वीर भावना के प्रतीक हैं। उनके शौर्य पर बने गाने को गैंगस्टर एजेंडे वाले सीन में रखना कलाकार की नजर में सिर्फ क्रिएटिव चॉइस नहीं, बल्कि सांस्कृतिक असंवेदनशीलता है। साथ ही यह मामला कलाकारों के क्रेडिट और सहमति के अधिकार की लड़ाई को भी एक बार फिर सुर्खियों में ले आया है – याद कीजिए, इससे पहले भी कई स्वतंत्र कलाकार बड़े प्रोडक्शन हाउसेज से टकरा चुके हैं।

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Swati Singh
Swati Singhhttp://theharawal.com
Swati Singh is a writer at 'Harawal' and a lifestyle expert. Committed to accurate, simple, and trustworthy journalism. She strives to provide readers with a clear perspective.

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