जयपुर, 11 अगस्त 2026 (मौसम डेस्क): राजस्थान में मानसून का कहर एक बार फिर सामने है। सोमवार को हाड़ौती के झालावाड़ में मूसलाधार बारिश का दौर चला और कालीसिंध-छापी बांध के गेट खुलने पड़े। नतीजतन निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के 6 जिलों में ऑरेंज तथा 17 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही उदयपुर संभाग के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
हाड़ौती में तबाही का मंजर: 12 इंच बारिश, स्कूल बंद
हाड़ौती अंचल सोमवार को मानसून की सबसे भारी मार झेल रहा है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा तबाही झालावाड़ जिले के सुनेल क्षेत्र में देखने को मिली, जहां 300 MM (करीब 12 इंच) बारिश दर्ज की गई। यह आंकड़ा इस मानसून सीज़न का प्रदेश में सबसे अधिक 24-घंटे वर्षा रहा है।
झालावाड़ के अन्य प्रभावित क्षेत्र (24 घंटे का बारिश आंकड़ा):
| क्रम | क्षेत्र | बारिश (MM) | तीव्रता |
|---|---|---|---|
| 1 | सुनेल | 300 | अति भारी |
| 2 | बाकनी | 270 | अति भारी |
| 3 | पिड़ावा | 262 | बहुत भारी |
| 4 | रायपुर | 220 | बहुत भारी |
| 5 | मनोहरथाना | 101 | भारी |
| 6 | झालावाड़ शहर | 88 | मध्यम-भारी |
| 7 | अकलेरा | 78 | मध्यम |
| 8 | गंगधार | 71 | मध्यम |
हालात इतने गंभीर हैं कि:
- मंगलवार को झालावाड़ जिले में सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।
- कालीसिंध बांध और छापी बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई है।
- निचले गांवों और बस्तियों में पानी घुस गया है। सड़कें और खेत जलमग्न हैं।
- बूंदी में भी कई मोहल्लों में जलभराव से जनजीवन बाधित है। कोटा और बारां में भी नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 17 में येलो – यह रहा पूरा ब्रेकडाउन
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र जयपुर ने मंगलवार 11 अगस्त के लिए जो अलर्ट मैप जारी किया है, उसके अनुसार स्थिति गंभीर है:
| अलर्ट कैटेगरी | जिलों की संख्या | संभावित प्रभाव |
|---|---|---|
| ऑरेंज अलर्ट | 6 जिले | भारी से अति भारी बारिश (115.6 MM से 204.4 MM) |
| येलो अलर्ट | 17 जिले | तेज बारिश, मेघगर्जन, आंधी (64.5 MM से 115.5 MM) |
| कोई चेतावनी नहीं | शेष जिले | सामान्य मौसम, हल्की बूंदाबांदी संभव |
ऑरेंज जिलों में रहने वाले निवासियों को IMD की ओर से सख्त हिदायत दी गई है कि जरूरी होने पर ही घर से निकलें, ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थान पर रहें, और बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान से दूर रहें। स्कूल-संचालकों और कार्यालय प्रमुखों को भी स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा।
उदयपुर संभाग की विस्तृत तस्वीर: कहां कितना असर?
उदयपुर संभाग पिछले 24 घंटे में मानसून की सक्रियता का सबसे बड़ा केंद्र रहा है। इस संभाग के सात में से छह जिलों में बारिश ने अपना असर दिखाया है।
कल कहां कितनी बारिश हुई (उदयपुर संभाग + आसपास):
- डूंगरपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद: इन चार जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। खेतों में फसलों को अच्छा फायदा हुआ है, लेकिन शहरी इलाकों में सीवरेज ओवरफ्लो की छोटी-मोटी शिकायतें आई हैं।
- प्रतापगढ़, बांसवाड़ा: इन जिलों में तेज बारिश हुई। बांसवाड़ा में माही बांध के गेटों पर पानी का दबाव बढ़ा है, जिससे निचले गांवों में सतर्कता बरती जा रही है।
- सलूंबर: हाड़ौती की सीमा से सटा यह जिला भी बारिश की जद में है। त्रिजिल इलाके में झरनों का जलस्तर अचानक बढ़ा है।
आज 11 अगस्त के लिए उदयपुर संभाग का अलर्ट:
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून ट्रफ लाइन बीकानेर → दतिया → उत्तर मध्य प्रदेश (लो-प्रेशर सिस्टम) → डालटनगंज → बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके प्रभाव से आज कोटा और उदयपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
खास बात: आज उदयपुर संभाग के लिए ऑरेंज जैसी स्थिति बन सकती है, खासकर दक्षिणी हिस्सों (बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़) और मध्यवर्ती हिस्सों (उदयपुर, चित्तौड़गढ़) में।
उदयपुर शहर के लिए अगले 3 दिन की स्थिति:
- 11 अगस्त (आज): भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, कुछ स्थानों पर अचानक जलभराव।
- 12 अगस्त: मध्यम से भारी बारिश, कहीं-कहीं तेज हवाएं।
- 13 अगस्त: रुक-रुककर बारिश का दौर, हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना।
बांधों का हाल: कालीसिंध-छापी के गेट खुले, माही पर नजर
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के प्रमुख बांधों में पानी की आवक तेज हो गई है।
| बांध | जिला | स्थिति |
|---|---|---|
| कालीसिंध बांध | कोटा/झालावाड़ | गेट खोलकर निकासी शुरू |
| छापी बांध | बूंदी/झालावाड़ | गेट खोलकर निकासी शुरू |
| माही बांध | बांसवाड़ा | जलस्तर बढ़ा, निचले गांवों में अलर्ट |
जिन गांवों और कस्बों के पास ये बांध हैं, वहां के प्रशासन ने पहले ही निचले इलाकों को खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है। नदी किनारे बसे गांवों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।
जयपुर में मौसम का मिजाज: दोपहर बाद बदली तस्वीर
राजधानी जयपुर में सोमवार को दिनभर उमस रही। दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली। चारदीवारी, एमआई रोड, टोंक रोड, आदर्श नगर और गोपालपुरा बाइपास समेत कई इलाकों में तेज बारिश हुई। कई सड़कों पर अस्थायी जलभराव भी देखने को मिला।
- सोमवार का अधिकतम तापमान: 34.4 डिग्री सेल्सियस
- आज के लिए संभावना: जयपुर शहर में हल्की से मध्यम बारिश, उमस बरकरार।
बीकानेर-टोंक में भी जलभराव, श्रीडूंगरगढ़ में बाजार डूबा
बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ में सोमवार को हुई तेज बारिश से बाजार और सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं। कई दुकानों में पानी घुसने से नुकसान की खबरें हैं। टोंक में भी तेज बारिश के बाद शहर की सड़कों पर जलभराव बना रहा।
पश्चिमी राजस्थान में गर्मी-उमस का दोहरा हमला
जहां पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान मानसून की बारिश से भीग रहा है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में धूप और उमस ने लोगों का हाल बेहाल किया है।
- जैसलमेर: अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस – प्रदेश का सबसे गर्म शहर।
- जोधपुर, बाड़मेर, फलोदी: दिन में तीखी धूप, उमस और गर्म हवाएं।
- बीकानेर शहर: मानसून की बेरुखी जारी, हालांकि श्रीडूंगरगढ़ में अचानक बारिश ने राहत दी।
अगले 3-4 दिन का पूर्वानुमान: कब तक हालात गंभीर?
| दिनांक | जोन | पूर्वानुमान |
|---|---|---|
| 11 अगस्त (मंगलवार) | पूरबी-दक्षिणी राजस्थान | भारी से अति भारी बारिश, ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी |
| 12 अगस्त (बुधवार) | पूरबी और दक्षिणी राजस्थान | मध्यम से भारी बारिश, कहीं-कहीं तेज हवाएं |
| 13 अगस्त (गुरुवार) | कोटा-उदयपुर संभाग | रुक-रुककर बारिश, स्थानीय तीव्रता |
| 14 अगस्त (शुक्रवार) | अधिकतर संभाग | बारिश की गतिविधि में धीरे-धीरे कमी |
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 14 अगस्त के बाद बारिश का दौर कुछ कम हो सकता है, लेकिन तब तक हाड़ौती और उदयपुर संभाग में हालात नाजुक बने रहेंगे।
जरूरी सावधानियां: क्या करें, क्या न करें
क्या करें:
- मोबाइल पर IMD मौसम ऐप और जिला प्रशासन की हेल्पलाइन नंबर सेव करें।
- बारिश के दौरान घर से बाहर निकलें तो छाता, रेनकोट और टॉर्च साथ रखें।
- बच्चों को नदी-नालों और बांधों के पास न जाने दें।
- बिजली गिरने के दौरान पक्के मकान या बड़े पेड़ के नीचे शरण लें।
- वाहन चलाते वक्त स्पीड कम रखें, जलभराव वाली सड़क से बचें।
क्या न करें:
- मेघगर्जन के समय ऊंचे-अकेले पेड़, खंभे या मीनार के पास न खड़े हों।
- नदी, नाले या बांध के पास फोटोग्राफी सेल्फी से बचें।
- बिजली के खुले तारों को छूने की कोशिश न करें।
- पानी भरी सड़क पर दुपहिया वाहन न चलाएं।
- बाढ़ वाले इलाके में अनावश्यक यात्रा से बचें।
किसानों के लिए खास सलाह
- खरीफ फसलों को फायदा: लगातार बारिश से मूंगफली, मक्का, सोयाबीन, कपास और धान की फसलों को जीवनदायिनी बारिश मिली है। किसानों को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी।
- फसल सुरक्षा: बारिश के बीच-बीच में कीटनाशक और खाद का छिड़काव कर सकते हैं, लेकिन तेज बारिश के तुरंत बाद नहीं।
- पशु चारा: खुले में बंधे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें। बिजली गिरने की आशंका वाले समय खेत में पशु न बांधें।
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. झालावाड़ में आज स्कूल खुलेंगे या बंद रहेंगे?
A: मंगलवार 11 अगस्त को झालावाड़ जिले में सभी सरकारी और निजी विद्यालय बंद रहेंगे। अभिभावक जिला प्रशासन के आदेश का इंतज़ार करें।
Q2. क्या कालीसिंध बांध का पानी किन-किन गांवों को प्रभावित करेगा?
A: बांध के निचले जलग्रहण क्षेत्र के गांवों को किया गया है। इन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जा रहा है।
Q3. उदयपुर संभाग में सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई?
A: पिछले 24 घंटे में बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में सबसे तीव्र बारिश दर्ज की गई। उदयपुर शहर में हल्की-मध्यम बारिश हुई।
Q4. क्या तीन दिन बाद मौसम साफ होगा?
A: मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 दिन तक बारिश का दौर जारी रहेगा। 14 अगस्त के बाद धीरे-धीरे कमी की संभावना है।
Q5. जैसलमेर में इतनी गर्मी क्यों है?
A: पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर है और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी अरब सागर की ओर से आ रही है, जिससे उमस और गर्मी दोनों बढ़ी हैं।
स्रोत: IMD मौसम केंद्र जयपुर की 11 अगस्त 2026 की पूर्वानुमान रिपोर्ट। बारिश के आंकड़े बीते 24 घंटे के हैं। यह रिपोर्ट मौसम बदलने पर अपडेट की जाएगी।


