मानसून लौटेगा 4-5 सितंबर से! बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया वेदर सिस्टम, जानें कब-कहां होगी बरसात

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मानसून लौटेगा 4-5 सितंबर से! बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया वेदर सिस्टम, जानें कब-कहां होगी बरसात
हरावल

राजस्थान में मानसून फिलहाल सुस्त पड़ गया है। बारिश की गतिविधियां कम होने से आमजन को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। तेज धूप के बीच दिन का पारा कई शहरों में 35 डिग्री के पार जा चुका है, जबकि श्रीगंगानगर जैसे इलाकों में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है। पर राहत की बात यह है कि यह सुखा दौर ज्यादा लंबा नहीं चलेगा – मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में सितंबर के पहले सप्ताह (4-5 सितंबर) में बनने वाले नए मौसमी सिस्टम के चलते बारिश की वापसी का अनुमान जताया है।

फिलहाल क्यों बढ़ी गर्मी और उमस?

मानसून की सुस्ती का सबसे बड़ा कारण मानसून ट्रफ का उत्तर की ओर खिसक जाना है। मौसम विभाग के मुताबिक, ट्रफ (हवा का दबाव वाला रेखीय क्षेत्र) फिलहाल अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर दिशा में चला गया है और यह अमृतसर, देहरादून और लखीमपुर खीरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है।

इसी वजह से बादल राजस्थान से दूर रह रहे हैं और आसमान साफ होने से तेज धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है।

कहां-कहां पारा चढ़ा?

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, तेज धूप के कारण जयपुर, टोंक और अलवर समेत करीब 15 शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

शहर/क्षेत्रतापमान स्थिति
श्रीगंगानगर~40°C (सबसे ज्यादा गर्म)
जयपुर, टोंक, अलवर समेत 15 शहर≥35°C

राहत कब और कैसे मिलेगी?

मौसम विभाग का कहना है कि जैसे ही मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में वापस आएगी, राजस्थान में मानसूनी गतिविधियां फिर तेज होंगी। साथ ही, बंगाल की खाड़ी में सितंबर के पहले सप्ताह के दौरान नया वेदर सिस्टम विकसित होने की संभावना है, जिसका सीधा असर राजस्थान पर दिखेगा।

  • 4-5 सितंबर के आसपास प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है।
  • पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना सबसे ज्यादा है।

अगले एक हफ्ते का पूर्वानुमान

बारिश के नए दौर से पहले राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क ही रहेगा। अगले करीब एक सप्ताह के दौरान:

  • बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।

यानी अगर आप इन इलाकों में हैं, तो 4-5 सितंबर तक धूप और उमस से राहत पाने का इंतजार करना होगा।

किसानों और जनता के लिए क्या मायने रखती है यह बारिश?

सितंबर के पहले सप्ताह में अनुमानित बारिश का नया दौर किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आ सकता है। जहां एक तरफ खेतों में लगी फसलों को पानी मिलेगा, वहीं आम जनता को प्रचंड धूप और उमस से निजात मिलेगी।

बड़ी तस्वीर: मानसून का सेकंड इनिंग्स

यह कोई अकेला घटनाक्रम नहीं है। इस पूरे माह बंगाल की खाड़ी से उठने वाले सिस्टम भारत के कई राज्यों में मानसूनी बारिश का मुख्य केंद्र बने रहे हैं – अगस्त के मध्य में भी एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी बंगाल की खाड़ी में बना था, जिसने पूर्वी राजस्थान समेत कई इलाकों में भारी बारिश दी।

ऐसे में मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक यह कहना गलत नहीं होगा कि राजस्थान में मानसून अभी विदा नहीं हुआ है – उसने बस सांस लेने का ब्रेक लिया है। अगले हफ्ते से फिर बादल गरजेंगे।

टिप: मौसम से जुड़े ताज़ा अपडेट के लिए राजस्थान मौसम विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट mausam.imd.gov.in और हरावल पर नज़र बनाए रखें।

FAQs: अक्सर लोग पूछते है ?

1. राजस्थान में बारिश कब से फिर शुरू होगी?
मौसम विभाग के अनुसार 4-5 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने से राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

2. फिलहाल गर्मी और उमस क्यों बढ़ी है?
मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर (अमृतसर, देहरादून, लखीमपुर खीरी होते हुए) खिसक गई है, जिससे बादल राजस्थान से दूर रह रहे हैं और तेज धूप व उमस बढ़ गई है।

3. किन इलाकों में बारिश की संभावना ज्यादा है?
पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है; 4-5 सितंबर के बाद कई जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।

4. अभी कहां-कहां पारा सबसे ज्यादा है?
श्रीगंगानगर में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है, जबकि जयपुर, टोंक, अलवर समेत करीब 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया है।

5. बारिश से किसानों को क्या फायदा होगा?
सितंबर के पहले सप्ताह की संभावित बारिश खेतों में लगी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है और उमस-गर्मी से राहत दिलाएगी।

स्रोत: IMD प्रेस विज्ञप्ति

नोट: बारिश की तारीखें (4-5 सितंबर), ट्रफ की स्थिति व संभागवार पूर्वानुमान स्रोत खबर (पत्रिका, 29 अगस्त 2026) पर आधारित हैं; संदर्भ – IMD रिपोर्टिंग से लिया गया है। मौसम के पूर्वानुमान बदल सकते हैं, अंतिम अपडेट IMD से ही लें।

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