Wednesday, September 16, 2026
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राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा ने जारी किया ‘नगरीय विकास संकल्प पत्र’, 309 निकायों के कायाकल्प का वादा

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जयपुर। राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को जयपुर में अपना बहुप्रतीक्षित चुनावी घोषणापत्र ‘नगरीय विकास संकल्प पत्र’ जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और घोषणापत्र समिति के संयोजक घनश्याम तिवाड़ी की मौजूदगी में जारी इस दस्तावेज़ में प्रदेश के 309 नगरीय निकायों के कायाकल्प का पूरा खाका पेश किया गया है। राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, सांसद मंजू शर्मा और जयपुर नगर निगम ग्रेटर की पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर सहित संगठन के अनेक वरिष्ठ नेता कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

घोषणापत्र जारी करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ किया कि यह केवल घोषणापत्र नहीं, बल्कि एक संकल्प है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पिछले 32 महीनों में 78 प्रतिशत चुनावी वादे पूरे किए हैं और ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के ज़रिए प्रदेश का करोड़ों रुपया और समय बचाया जा रहा है। एक ही चुनाव में निकाय और पंचायत दोनों का चुनाव कराने से प्रशासनिक खर्च में बड़ी कटौती होगी।

15 बड़े संकल्प: जानिए ‘नगरीय विकास संकल्प पत्र’ में क्या-क्या है

1. आवासीय भूखंड – सबका अपना घर, सबकी अपनी ज़मीन

अगले 5 वर्षों में शहरी क्षेत्रों के अलग-अलग आय वर्गों – आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) और उच्च आय वर्ग (HIG) – के लिए कुल 1 लाख आवासीय प्लॉट आवंटित करने की कार्यवाही की जाएगी। ‘NAKSHA’ योजना के तहत भरोसेमंद और कानूनी रूप से प्रमाणित भूमि रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे, जिससे कब्ज़े के विवाद ख़त्म होंगे।

2. घरेलू PNG – 7 लाख घरों तक रसोई गैस

आगामी 5 वर्षों में 7 लाख से अधिक घरों में रसोई गैस (PNG) के कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे महिलाओं को धुएं के अंधेरे से मुक्ति मिलेगी और रसोई का समय बचेगा।

3. पिंक टॉयलेट – महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा

राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों के लिए महिलाओं की सुविधा हेतु 2,000 पिंक टॉयलेट का निर्माण कराया जाएगा। सफेद सिरेमिक बेसिन, वॉटर फ़्लश, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और निरंतर जल आपूर्ति के साथ ये टॉयलेट महिला स्वच्छता के अधिकार की ओर बड़ा कदम होंगे।

4. स्ट्रीट लाइट – अंधेरे में उजाला

प्रत्येक निकाय में, नए और बाहरी रिहायशी इलाकों में 15 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इनमें से अधिकांश ऊर्जा-कुशल एलईडी होंगी, जिससे बिजली की खपत कम होगी और महिलाओं व बच्चों की रात की सुरक्षा मज़बूत होगी।

5. वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र – बुज़ुर्गों के लिए गौरवशाली दिनचर्या

बुज़ुर्गों को सम्मानजनक और अच्छी दिनचर्या देने के लिए सामुदायिक केंद्रों पर जन सहभागिता से नगर निगमों एवं परिषदों में ‘वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र’ की स्थापना की जाएगी – जहां खेल, पुस्तकालय, ध्यान-सत्र और सामाजिक मेलजोल की सुविधा रहेगी।

6. बीमा सुरक्षा – सड़क के मज़दूर से ड्राइवर तक

प्रत्येक निकाय में पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स, CNG ऑटो चालकों और टैक्सी चालकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा कवर देने की कार्यवाही की जाएगी। दुर्घटना में मृत्यु पर 10 लाख और विकलांगता पर 5 लाख रुपये तक का कवर प्रस्तावित है।

7. वेंडिंग ज़ोन – रेहड़ी-पटरी वालों को सम्मानजनक स्थान

प्रत्येक निकाय में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए अलग से आधुनिक सुविधाओं युक्त वेंडिंग ज़ोन निर्धारित किए जाएंगे – जहां पानी, बिजली, बैठक और स्वच्छता की व्यवस्था होगी। इससे उन्हें बार-बार हटाए जाने और अवैध वसूली से मुक्ति मिलेगी।

8. फूड कोर्ट – स्वच्छ और सस्ता खाना

नगर निगम एवं नगर परिषदों में फूड कोर्ट स्थापित करने की कार्यवाही की जाएगी – जहां स्थानीय व्यंजन, माखन-मिश्री, पंजीरी, माखन-चोरी जैसे पारंपरिक व्यंजन मिलेंगे और साथ ही किशोरों-छात्रों के लिए सस्ती थाली की व्यवस्था भी रहेगी।

9. कचरा मुक्त शहर – 100% वैज्ञानिक निस्तारण

प्रत्येक निकाय में सभी डंपिंग साइट्स पर सालों से जमा पुराने कचरे का 100 प्रतिशत वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने की कार्यवाही की जाएगी। कचरा संग्रहण वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग से निगरानी होगी और प्राइवेट पार्टनरशिप से सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जाएंगे।

10. सीवरेज व्यवस्था – 3000 किलोमीटर का कार्य

अगले 5 वर्षों में 3,000 किलोमीटर पुरानी सीवर लाइन की मरम्मत/परिवर्धन करने की कार्यवाही की जाएगी। आधुनिक रोबोटिक मशीनों से सफाई की जाएगी ताकि सीवर कर्मियों की जान का जोखिम समाप्त हो।

11. निराश्रित पशुओं के लिए शेल्टर होम

सभी शहरी निकायों में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से जनभागीदारी द्वारा शेल्टर होम स्थापित किए जाएंगे – जहां आवारा गाय, कुत्ते और अन्य निराश्रित पशुओं को भोजन, चिकित्सा और आश्रय मिलेगा।

12. ई-बसें – पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन

सभी नगर निगम क्षेत्रों में सुरक्षित, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल सफ़र के लिए ई-बसों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शुरू की जाएगी। महिलाओं एवं सीनियर सिटीजन को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

13. रिंग रोड – ट्रैफिक जाम से मुक्ति

शहरों में गाड़ियों के दबाव और ट्रैफ़िक जाम को कम करने के लिए रिंग रोड के निर्माण की कार्यवाही की जाएगी – जिससे शहर के बीचों-बीच से गुज़रने वाले ट्रक, बस और बाहरी वाहनों को निकाला जा सके।

14. अटल रोजगार मेले एवं ई-लाइब्रेरी – युवाओं के लिए

युवाओं के लिए अटल रोजगार मेले एवं ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। नगर निगमों में इंटर्नशिप के अवसर भी दिए जाएंगे, ताकि युवा शहरी प्रशासन को करीब से समझ सकें।

15. स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट – AI आधारित निगरानी

‘अभय कमांड सेंटर्स’ को AI तकनीक से जोड़ा जाएगा और शहर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा – जिससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन, चोरी और सुरक्षा उल्लंघन पर तत्काल निगरानी हो सके।

CM भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर तंज

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में पिछली कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा –

“कांग्रेस का एकमात्र ध्येय निकाय और पंचायत चुनावों को ढाई-ढाई साल तक खींचकर बार-बार आचार संहिता लगाना था – ताकि विकास के काम रुक जाएं। लेकिन हमारी सरकार ने 32 महीनों में 78% वादे पूरे कर दिखाए हैं। यह केवल घोषणापत्र नहीं, बल्कि एक संकल्प है।”

प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी तंज कसते हुए कहा –

“जो काम कांग्रेस सरकार 5 साल में करती थी, वो भजनलाल सरकार ने 32 महीने (ढाई साल) में ही कर दिखाए हैं।”

घोषणापत्र समिति के संयोजक घनश्याम तिवाड़ी ने बताया कि इस दस्तावेज़ तक पहुंचने से पहले हज़ारों लोगों से सुझाव लिए गए और विभिन्न निकायों की बैठकों में इसे अंतिम रूप दिया गया।

एक नज़र में ‘नगरीय विकास संकल्प पत्र’

  • नाम: नगरीय विकास संकल्प पत्र 2026
  • जारीकर्ता: भाजपा, जयपुर (मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में)
  • उद्देश्य: 309 नगरीय निकायों का कायाकल्प
  • बड़े आंकड़े: 1 लाख आवासीय प्लॉट | 7 लाख PNG कनेक्शन | 2,000 पिंक टॉयलेट | 15 लाख स्ट्रीट लाइट | 3,000 KM सीवर लाइन | 28 करोड़ प्रति विधायक फंड
  • विशेष: ई-बस, रिंग रोड, वेंडिंग ज़ोन, फूड कोर्ट, वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र, NAKSHA योजना, AI कमांड सेंटर

वन स्टेट वन इलेक्शन: क्यों महत्वपूर्ण है यह फ़ैसला?

राजस्थान में ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की अवधारणा के तहत पंचायत चुनाव और निकाय चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। इसका लाभ बहुआयामी है:

  • लागत में कटौती: दो अलग-अलग चुनावों की तुलना में लगभग 40% खर्च कम होगा।
  • प्रशासनिक स्थिरता: बार-बार आचार संहिता लगने से विकास कार्य रुक जाते थे — अब एक साथ चुनाव से प्रशासन 5 वर्ष तक बिना रुकावट काम कर पाएगा।
  • पुलिस बल की तैनाती में बचत: दो बार की तुलना में एक बार तैनाती से बल का एक चरण बचेगा, जिसे नक्सल प्रभावित इलाकों या अन्य कार्यों में लगाया जा सकेगा।

CM भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने इस दिशा में राज्य निर्वाचन आयोग से आवश्यक प्रस्ताव भेज दिए हैं और आगामी 5 वर्षों में यह व्यवस्था लागू हो सकेगी।

कांग्रेस की तरफ से क्या कहा गया?

प्रतिपक्ष की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं हुई है, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने निजी संवादों में इस घोषणापत्र को ‘चुनावी जुमला’ कहा है। कांग्रेस का तर्क है कि भाजपा की पिछली वर्षों की घोषणाओं की तरह इसके कई वादे भी अधूरे रहेंगे – विशेषकर 1 लाख आवासीय प्लॉट और 15 लाख स्ट्रीट लाइट के लक्ष्य यथार्थपरक नहीं माने जा रहे हैं।

इसके जवाब में प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा –

“कांग्रेस यह नहीं मानना चाहती कि राजस्थान में विकास हो सकता है। हमने 32 महीनों में उनके 5 साल से ज़्यादा काम कर दिखाया है। अगले 5 वर्षों में शहरों का चेहरा बदल जाएगा।”

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. भाजपा का ‘नगरीय विकास संकल्प पत्र’ क्या है?
यह भाजपा का राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के लिए जारी किया गया चुनावी घोषणापत्र है, जिसमें 309 नगरीय निकायों के विकास के 15 बड़े संकल्प शामिल हैं।

2. संकल्प पत्र में सबसे बड़े आंकड़े क्या हैं?
1 लाख आवासीय प्लॉट, 7 लाख PNG कनेक्शन, 2,000 पिंक टॉयलेट, 15 लाख स्ट्रीट लाइट और 3,000 किलोमीटर सीवर लाइन के निर्माण के वादे।

3. ‘NAKSHA’ योजना क्या है?
यह नगरीय भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल और कानूनी रूप से प्रमाणित करने की योजना है – जिससे प्लॉट की कब्ज़े के विवाद समाप्त होंगे।

4. वरिष्ठ नागरिक सेवा केंद्र किसके लिए होंगे?
ये केंद्र सामुदायिक भवनों में बुज़ुर्गों के लिए खेल, पुस्तकालय और सामाजिक मेलजोल की सुविधा हेतु बनाए जाएंगे – जन सहभागिता से।

5. ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ का क्या लाभ होगा?
इससे चुनाव खर्च में कटौती, प्रशासनिक स्थिरता और पुलिस बल की तैनाती में बचत होगी। विकास कार्य बिना रुकावट 5 वर्ष चल सकेंगे।

6. ई-बसें कहां-कहां चलेंगी?
सभी नगर निगम क्षेत्रों में ई-बसों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शुरू की जाएगी – जिसमें महिलाओं और सीनियर सिटीजन को विशेष प्राथमिकता मिलेगी।

7. क्या यह संकल्प पत्र पंचायत चुनाव पर भी लागू होगा?
हां, ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ की अवधारणा के तहत निकाय और पंचायत – दोनों चुनाव एक साथ कराए जाएंगे।

Bhanwar Singh Thada
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