जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले सबसे प्रतीक्षित फैसलों में से एक – जिला प्रमुख पदों का आरक्षण – गुरुवार (13 अगस्त) को निकाली गई लॉटरी से तय हो गया। राजधानी जयपुर में 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली गई, जिसमें सबसे बड़ा संकेत महिला सशक्तीकरण का रहा। सीकर समेत 20 जिला परिषदों में जिला प्रमुख का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि जयपुर और जोधपुर में कुर्सी अनारक्षित (ओपन) रखी गई है – यानी इन दोनों जिलों में किसी भी वर्ग का उम्मीदवार जिला प्रमुख की रेस में उतर सकेगा।
लॉटरी जिसने 25 मिनट तक रोक दिया सबका दम
प्रक्रिया जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित पंचायती राज संस्थान में संपन्न हुई, जिसकी अध्यक्षता पंचायती राज सचिव जोगाराम ने की। पारदर्शिता के लिए एक बच्ची को बुलाया गया, जिसने बारी-बारी से पर्चियां निकालकर हर जिले की किस्मत का फैसला सुनाया। हालांकि, इस दौरान महिला आरक्षण के नियम को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया। हर संभाग से एक महिला जिला प्रमुख बनाए जाने के फॉर्मूले पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके चलते करीब 25 मिनट तक लॉटरी रोकनी पड़ी। अधिकारियों ने संबंधित नियमों और एक्ट का परीक्षण कर आपत्तिकर्ताओं को प्रावधानों की जानकारी दी; स्थिति स्पष्ट होते ही वे संतुष्ट हुए और प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई।
किस वर्ग को कितनी कुर्सियां? पूरा गणित
लॉटरी के नतीजों से 41 पदों की श्रेणीवार तस्वीर यूं बनती है – आधे से कम जिलों में ओपन रेस तो बाकी हिस्से में आरक्षण का दायरा:
| वर्ग | कुल पद | विवरण |
|---|---|---|
| महिला आरक्षित (कुल) | 20 | जिसमें ओपन महिला 11, SC महिला 4, ST महिला 3, OBC महिला 2 |
| ओपन (अनारक्षित) | 10 | जयपुर, जोधपुर सहित |
| एससी (पुरुष/ओपन) | 4 | नागौर, पाली, सवाई माधोपुर, डीडवाना-कुचामन |
| एसटी (पुरुष/ओपन) | 4 | बांसवाड़ा, डूंगरपुर, जैसलमेर, बालोतरा |
| ओबीसी (पुरुष/ओपन) | 3 | बूंदी, जालोर, खैरथल-तिजारा |
| कुल | 41 | — |
यानी कुल 8 पद एससी, 7 पद एसटी और 5 पद ओबीसी के खाते में गए, जबकि बाकी 21 पद अनारक्षित श्रेणी में रहे – जिनमें से 11 पर महिलाओं की विशेष दावेदारी है।
जिला प्रमुख आरक्षण – 41 जिला परिषदों की पूरी सूची
| क्र.सं. | जिला परिषद | नई आरक्षण श्रेणी | पिछली बार |
|---|---|---|---|
| 1 | जयपुर | अनारक्षित ओपन | अनारक्षित महिला |
| 2 | जोधपुर | अनारक्षित ओपन | अनारक्षित महिला |
| 3 | भरतपुर | एससी महिला | अनारक्षित ओपन |
| 4 | दौसा | एससी महिला | ओबीसी ओपन |
| 5 | सवाई माधोपुर | एससी ओपन | अनारक्षित ओपन |
| 6 | सिरोही | अनारक्षित ओपन | अनारक्षित ओपन |
| 7 | अलवर | एसटी महिला | ओबीसी ओपन |
| 8 | धौलपुर | एससी महिला | अनारक्षित महिला |
| 9 | बारां | अनारक्षित ओपन | अनारक्षित महिला |
| 10 | करौली | अनारक्षित ओपन | एससी महिला |
| 11 | कोटा | अनारक्षित महिला | एससी ओपन |
| 12 | श्रीगंगानगर | अनारक्षित महिला | एससी ओपन |
| 13 | अजमेर | अनारक्षित महिला | अनारक्षित ओपन |
| 14 | बांसवाड़ा | एसटी ओपन | एसटी ओपन |
| 15 | बाड़मेर | अनारक्षित ओपन | अनारक्षित ओपन |
| 16 | भीलवाड़ा | अनारक्षित ओपन | एसटी ओपन |
| 17 | बीकानेर | अनारक्षित महिला | एससी ओपन |
| 18 | बूंदी | ओबीसी ओपन | अनारक्षित ओपन |
| 19 | चित्तौड़गढ़ | अनारक्षित महिला | अनारक्षित ओपन |
| 20 | चूरू | अनारक्षित महिला | एससी महिला |
| 21 | डूंगरपुर | एसटी ओपन | एसटी महिला |
| 22 | हनुमानगढ़ | अनारक्षित महिला | एससी महिला |
| 23 | जैसलमेर | एसटी ओपन | अनारक्षित ओपन |
| 24 | जालोर | ओबीसी ओपन | एसटी ओपन |
| 25 | झालावाड़ | अनारक्षित महिला | ओबीसी महिला |
| 26 | झुंझुनूं | अनारक्षित महिला | ओबीसी महिला |
| 27 | नागौर | एससी ओपन | अनारक्षित ओपन |
| 28 | पाली | एससी ओपन | अनारक्षित महिला |
| 29 | प्रतापगढ़ | एसटी महिला | एसटी ओपन |
| 30 | राजसमंद | अनारक्षित ओपन | ओबीसी ओपन |
| 31 | सीकर | ओबीसी महिला | अनारक्षित महिला |
| 32 | टोंक | एससी महिला | अनारक्षित महिला |
| 33 | उदयपुर | अनारक्षित ओपन | अनारक्षित महिला |
| 34 | बालोतरा | एसटी ओपन | नया जिला |
| 35 | डीडवाना-कुचामन | एससी ओपन | नया जिला |
| 36 | फलौदी | अनारक्षित महिला | नया जिला |
| 37 | सलूंबर | एसटी महिला | नया जिला |
| 38 | कोटपूतली-बहरोड़ | अनारक्षित ओपन | नया जिला |
| 39 | खैरथल-तिजारा | ओबीसी ओपन | नया जिला |
| 40 | डीग | अनारक्षित महिला | नया जिला |
| 41 | ब्यावर | ओबीसी महिला | नया जिला |
ये हैं 20 जिले, जहां तय है महिला जिला प्रमुख
महिला आरक्षण वाले जिलों में भरतपुर, धौलपुर, अलवर, दौसा, कोटा, श्रीगंगानगर, अजमेर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, चूरू, हनुमानगढ़, झालावाड़, झुंझुनूं, प्रतापगढ़, सीकर, टोंक, सलूंबर, फलौदी, डीग और ब्यावर शामिल हैं। खास बात यह कि इस बार महिला आरक्षण सिर्फ सामान्य वर्ग तक सीमित नहीं है – सीकर और ब्यावर में ओबीसी महिला, अलवर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में एसटी महिला तथा भरतपुर, दौसा, धौलपुर और टोंक में एससी महिला के लिए पद आरक्षित किए गए हैं।
पिछली बार से क्या-क्या बदला?
लॉटरी ने कई जिलों में आरक्षण का चेहरा पूरी तरह बदल दिया है –
- जयपुर-जोधपुर: दोनों महानगर पिछली बार महिला आरक्षित थे, इस बार ओपन हो गए। यानी यहां अब हर वर्ग की रेस खुली है।
- अजमेर-बीकानेर: दोनों में पिछली बार ओपन/एससी था, अब महिला आरक्षण आ गया है।
- सीकर: पिछली बार अनारक्षित महिला थी, अब ओबीसी महिला की कुर्सी बन गई है।
- अलवर: ओबीसी ओपन से बदलकर एसटी महिला हो गया।
- प्रतापगढ़-सलूंबर: एसटी ओपन/नए जिले से अब एसटी महिला के लिए आरक्षित।
- नए 8 जिले: बालोतरा, डीडवाना-कुचामन, फलौदी, सलूंबर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, डीग और ब्यावर को पहली बार अपने जिला प्रमुख पद की आरक्षण श्रेणी मिली है।
सियासी मायने: महिला और पिछड़े वर्ग की बिसात
पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले से लागू है, और यह आरक्षण एससी, एसटी व ओबीसी सहित सभी श्रेणियों पर लागू होता है। ऐसे में 41 में से 20 जिला प्रमुख पदों का महिलाओं के लिए जाना इसी नीति की अगली कड़ी है। राजनीतिक दृष्टि से इस लॉटरी को संतुलित बिसात माना जा रहा है – शेखावाटी से मरुभूमि तक, आदिवासी बहुल इलाकों से मेवात तक, हर वर्ग को कहीं न कहीं अपनी दावेदारी मिली है। ओबीसी को 5 पद (जयपुर संभाग के ब्यावर-सीकर समेत), एससी को 8 और एसटी को 7 पद मिलने से क्षेत्रीय-जातीय समीकरणों में नई हलचल तय है।
आगे की राह: 18 अगस्त को सरपंच-पंच की लॉटरी
जिला प्रमुखों का फैसला होने के बाद अब आरक्षण की प्रक्रिया अगले पड़ाव पर पहुंच गई है। 18 अगस्त को एसडीएम स्तर पर ग्राम पंचायतों के सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी, जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी और महिला आरक्षण तय होगा। वहीं, पंचायत समिति प्रधान पदों के आरक्षण की लॉटरी जिला कलक्टर स्तर पर अलग से आयोजित की जाएगी। इन सबके बाद ही चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा का रास्ता साफ होगा।
आगामी आरक्षण प्रक्रिया
| चरण | तारीख/स्तर |
|---|---|
| जिला प्रमुख आरक्षण लॉटरी | 13 अगस्त (संपन्न) |
| सरपंच व वार्ड पंच लॉटरी | 18 अगस्त (एसडीएम स्तर) |
| पंचायत समिति प्रधान लॉटरी | बाद में (जिला कलक्टर स्तर) |
| चुनाव कार्यक्रम घोषणा | आधिकारिक पुष्टि बाकी |
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. कुल कितने जिला प्रमुख पदों के लिए लॉटरी निकली?
राज्य की 41 जिला परिषदों के जिला प्रमुख पदों के लिए लॉटरी निकाली गई है।
2. कितने जिलों में जिला प्रमुख महिला के लिए आरक्षित हुआ?
सीकर समेत कुल 20 जिलों में जिला प्रमुख का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।
3. किन जिलों में जिला प्रमुख ओपन (अनारक्षित) रहा?
जयपुर और जोधपुर में जिला प्रमुख का पद अनारक्षित (ओपन) रखा गया है।
4. ओबीसी के लिए कितने जिला प्रमुख पद आरक्षित हुए?
कुल 5 पद ओबीसी के लिए गए – बूंदी, जालोर, खैरथल-तिजारा (ओबीसी ओपन) और सीकर, ब्यावर (ओबीसी महिला)।
5. सरपंच और वार्ड पंच पदों की लॉटरी कब निकलेगी?
18 अगस्त को एसडीएम स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी।
6. लॉटरी के दौरान विवाद क्यों हुआ?
हर संभाग से एक महिला जिला प्रमुख बनाए जाने के फॉर्मूले पर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद नियमों की जांच कर करीब 25 मिनट बाद लॉटरी दोबारा शुरू की गई।
इसे भी पढ़ें – निकाय चुनाव 2026: आरक्षण लॉटरी में जयपुर-जोधपुर-उदयपुर-बीकानेर अनारक्षित, कोटा ओबीसी महिला को; 309 निकायों का हुआ फैसला


