जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव से पहले सबसे बड़ी उलझन – किस निकाय पर किस वर्ग का कब्जा – आखिरकार दूर हो गई। गुरुवार (13 अगस्त) को राजधानी जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग (DLB) कार्यालय में 309 शहरी निकायों के प्रमुख पदों की आरक्षण लॉटरी निकाली गई, जिसने मेयर, सभापति और अध्यक्ष पदों का समीकरण तय कर दिया। सबसे बड़ी बात यह रही कि प्रदेश के चार बड़े नगर निगम – जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर – को अनारक्षित रखा गया है, यानी इन नगरों में किसी भी वर्ग का उम्मीदवार मेयर की रेस में खड़ा हो सकेगा।
309 निकाय, 10,245 वार्ड और आरक्षण का पूरा गणित
राज्य में नगरीय निकाय चुनाव के लिए 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं। इन 309 निकायों में कुल 10,245 वार्ड हैं, जिनमें से 13-14 अगस्त को वार्ड-स्तरीय आरक्षण लॉटरी भी निकाले जाने की तैयारी है। लेकिन इससे पहले प्रमुख पदों की लॉटरी ने बड़ा फैसला सुना दिया।
पदवार आरक्षण – एक नजर में (कुल 309)
| वर्ग | कुल पद | महिला आरक्षित पद |
|---|---|---|
| अनुसूचित जाति (SC) | 50 | 16 |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 11 | 3 |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 60 | 21 |
| अनारक्षित (Open) | 188 | 62 |
| कुल | 309 | 102 (≈33%) |
यानी हर तीसरा निकाय प्रमुख पद अब महिलाओं के नाम पर होगा, और हर पांचवां पद ओबीसी के खाते में जाएगा।
नगर निगमों पर फैसला: कहां किसकी कुर्सी?
दस नगर निगमों में सबसे चर्चित फैसला यह रहा कि चार निगमों में मेयर पद पर किसी भी वर्ग की रोक नहीं रहेगी। वहीं, पांच निगम महिला मेयर के लिए आरक्षित हो गए, जबकि कोटा में मेयर की कुर्सी ओबीसी महिला के लिए सुरक्षित की गई है।
नगर निगम लॉटरी लिस्ट
| नगर निगम | आरक्षण (इस बार) |
|---|---|
| जयपुर | सामान्य (अनारक्षित) |
| जोधपुर | सामान्य (अनारक्षित) |
| उदयपुर | सामान्य (अनारक्षित) |
| बीकानेर | सामान्य (अनारक्षित) |
| अजमेर | सामान्य महिला |
| अलवर | सामान्य महिला |
| भीलवाड़ा | सामान्य महिला |
| भरतपुर | सामान्य महिला |
| पाली | सामान्य महिला |
| कोटा | ओबीसी महिला |
गौरतलब है कि जयपुर, जोधपुर और कोटा में पिछली बार दो-दो नगर निगम थे, जिन्हें अब विलय कर एक-एक कर दिया गया है।
संभागवार नजर: किन निकायों में ओबीसी की तलवार?
लॉटरी में सबसे पहले अजमेर संभाग की सीटों का फैसला हुआ। संभागों में ओबीसी के लिए आरक्षित निकायों की सूची भी तैयार हो गई है:
- अजमेर संभाग: नावां, नागौर, हमीरगढ़, रियाबड़ी, सरवाड़, लाडनूं, जायल, डीडवाना, बासनी और जैतारण ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित; 3 सीटें ओबीसी महिला के नाम।
- कोटा संभाग: अकलेरा, झालावाड़, अंता, कोटा और सुकेत ओबीसी को।
- बीकानेर संभाग: लूणकरणसर, सुजानगढ़, खाजूवाला, केसरीसिंहपुर, सरदारशहर, राजगढ़, चूरू और नोखा ओबीसी के खाते में।
- भरतपुर संभाग: रूपवास, बौंली, बृजनगर और सवाई माधोपुर ओबीसी के लिए; राजाखेड़ा व सरमथुरा ओबीसी महिला के लिए।
- जयपुर संभाग: कुल 19 निकाय ओबीसी के लिए आरक्षित – अजीतगढ़, विराट नगर, विद्याविहार, मलसीसर, नीमराना, बहादुरपुर, बांदीकुई, भिवाड़ी, श्रीमाधोपुर, खेतड़ी, राजगढ़ (झुंझुनूं), चिढ़ावा, दौसा, खाटूश्यामजी, पलसाना, दांतारामगढ़, मुंडावर, डूंडलोद। वहीं बांदीकुई, दौसा, नौगांव, खेतड़ी, नीमराना और खाटूश्यामजी ओबीसी महिला के लिए।
- उदयपुर संभाग: सागवाड़ा, देवगढ़, धरियावद, कानोड़ और कुशलगढ़ ओबीसी को; सागवाड़ा व देवगढ़ ओबीसी महिला की झोली में।
नगर परिषदों की लॉटरी: 47 परिषदों का पूरा लेखा-जोखा
सभापति के पद की रेस वाली नगर परिषदों में ओपन कैटेगरी का दबदबा रहा, साथ ही कई परिषदें एससी, एसटी और ओबीसी के नाम हुईं।
नगर परिषद लॉटरी लिस्ट
| जिला | नगर परिषद | आरक्षण (इस बार) |
|---|---|---|
| अजमेर | किशनगढ़ | सामान्य (ओपन) |
| अजमेर | पुष्कर | अनुसूचित जाति (ओपन) |
| ब्यावर | ब्यावर | सामान्य (ओपन) |
| भीलवाड़ा | शाहपुरा | सामान्य (ओपन) |
| डीडवाना-कुचामन | डीडवाना | ओबीसी (ओपन) |
| डीडवाना-कुचामन | कुचामन सिटी | सामान्य (ओपन) |
| डीडवाना-कुचामन | मकराना | सामान्य (ओपन) |
| नागौर | नागौर | ओबीसी (ओपन) |
| टोंक | टोंक | सामान्य (ओपन) |
| डीग | डीग | सामान्य (ओपन) |
| धौलपुर | धौलपुर | सामान्य (ओपन) |
| करौली | करौली | सामान्य (ओपन) |
| करौली | हिंडौन | सामान्य महिला |
| सवाई माधोपुर | सवाई माधोपुर | ओबीसी (ओपन) |
| सवाई माधोपुर | गंगापुर सिटी | सामान्य (ओपन) |
| चूरू | चूरू | सामान्य (ओपन) |
| चूरू | सुजानगढ़ | ओबीसी (ओपन) |
| हनुमानगढ़ | हनुमानगढ़ | सामान्य महिला |
| श्रीगंगानगर | श्रीगंगानगर | सामान्य (ओपन) |
| दौसा | दौसा | ओबीसी महिला |
| दौसा | लालसोट | सामान्य (ओपन) |
| जयपुर | चौमूं | सामान्य (ओपन) |
| जयपुर | शाहपुरा | सामान्य (ओपन) |
| झुंझुनूं | झुंझुनूं | सामान्य (ओपन) |
| खैरथल-तिजारा | खैरथल | सामान्य (ओपन) |
| खैरथल-तिजारा | तिजारा | सामान्य (ओपन) |
| खैरथल-तिजारा | भिवाड़ी | ओबीसी (ओपन) |
| कोटपूतली-बहरोड़ | कोटपूतली | सामान्य (ओपन) |
| कोटपूतली-बहरोड़ | बहरोड़ | सामान्य (ओपन) |
| सीकर | सीकर | सामान्य महिला |
| सीकर | फतेहपुर | सामान्य (ओपन) |
| बालोतरा | बालोतरा | ओबीसी (ओपन) |
| बाड़मेर | बाड़मेर | सामान्य (ओपन) |
| जैसलमेर | जैसलमेर | सामान्य (ओपन) |
| जालोर | जालोर | सामान्य (ओपन) |
| फलौदी | फलौदी | सामान्य (ओपन) |
| सिरोही | सिरोही | सामान्य महिला |
| बारां | बारां | सामान्य महिला |
| बूंदी | बूंदी | सामान्य (ओपन) |
| झालावाड़ | झालावाड़ | ओबीसी (ओपन) |
| चित्तौड़गढ़ | चित्तौड़गढ़ | सामान्य (ओपन) |
| चित्तौड़गढ़ | निंबाहेड़ा | सामान्य महिला |
| बांसवाड़ा | बांसवाड़ा | अनुसूचित जनजाति (ओपन) |
| डूंगरपुर | डूंगरपुर | सामान्य (ओपन) |
| राजसमंद | राजसमंद | सामान्य (ओपन) |
| सलूंबर | सलूंबर | सामान्य (ओपन) |
| प्रतापगढ़ | प्रतापगढ़ | सामान्य महिला |
(51 में से लेख में उपलब्ध 47 नगर परिषदों की सूची)
लॉटरी ऑफलाइन क्यों निकाली गई?
दिलचस्प बात यह है कि इस बार आरक्षण लॉटरी ऑफलाइन निकाली गई। इसके पीछे की वजह पारदर्शिता को लेकर कुछ राजनीतिक दलों की ओर से उठाई गई आशंका है – दलों ने ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया पर भरोसा न जताते हुए सवाल उठाए थे। इसके बाद विभाग ने ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया। लॉटरी के दौरान नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
आगे का रास्ता: वार्ड लॉटरी से लेकर मतदान तक
प्रमुख पदों की लॉटरी के बाद अब सारा ध्यान वार्ड स्तर पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 13-14 अगस्त को सभी 309 निकायों के 10,245 वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकाले जाने की प्रक्रिया है, जिससे यह तय होगा कि किस वार्ड में ओबीसी, एससी, एसटी, महिला या सामान्य वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ेगा।
इसके बाद चुनाव कार्यक्रम का खाका खींचा जाएगा। मीडिया में आई रिपोर्ट्स में सितंबर अंत में अधिसूचना जारी होने और अक्टूबर की शुरुआत में नामांकन की संभावना जताई गई है, हालांकि आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि अभी बाकी है।
आगे की प्रक्रिया (मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार)
| चरण | अपेक्षित समय-सीमा (अनधिकृत) |
|---|---|
| प्रमुख पदों की आरक्षण लॉटरी | 13 अगस्त (संपन्न) |
| वार्ड आरक्षण लॉटरी | 13-14 अगस्त |
| चुनाव अधिसूचना | सितंबर अंत (रिपोर्ट्स) |
| नामांकन | अक्टूबर आरंभ (रिपोर्ट्स) |
| मतदान व मतगणना | आधिकारिक घोषणा बाकी |
निकाय चुनाव से अलग है पंचायत चुनाव का समीकरण
साफ कर दें कि यह लॉटरी शहरी निकायों (नगर निगम, नगर परिषद, नगरपालिका) की है। ग्रामीण पंचायतीराज संस्थाओं – जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत – के लिए ओबीसी आयोग की अलग रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें 1,403 जिला परिषद वार्डों में से 192 सीटें ओबीसी के लिए प्रस्तावित हैं। दोनों प्रक्रियाओं के बीच खास अंतर यह है कि पंचायतों में महिला आरक्षण 50 प्रतिशत तक जाता है, जबकि निकायों में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत (102 पद) की हिस्सेदारी तय हुई है।
FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. राजस्थान में कुल कितने नगरीय निकायों के लिए आरक्षण लॉटरी निकली?
कुल 309 निकायों के लिए – जिसमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगरपालिकाएं शामिल हैं।
2. किन नगर निगमों में मेयर का पद अनारक्षित रखा गया?
जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर नगर निगमों में मेयर पद अनारक्षित (ओपन) है।
3. किस नगर निगम में ओबीसी महिला को मेयर पद मिला?
कोटा नगर निगम की मेयर कुर्सी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित की गई है।
4. लॉटरी में कितने पद एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षित हुए?
एससी 50 (16 महिला), एसटी 11 (3 महिला), ओबीसी 60 (21 महिला) और अनारक्षित 188 (62 महिला) पद तय हुए हैं।
5. वार्ड आरक्षण लॉटरी कब निकलेगी?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 13-14 अगस्त को 10,245 वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकाले जाने की तैयारी है।
6. निकाय चुनाव कब होंगे?
आधिकारिक तारीखें घोषित नहीं हुई हैं। रिपोर्ट्स में अधिसूचना सितंबर अंत और नामांकन अक्टूबर आरंभ में होने की संभावना जताई गई है – आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
स्रोत: राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग
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