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राजस्थान पंचायत चुनाव: 1,403 में से 192 जिला परिषद सीटें OBC के लिए, जिलेवार पूरी लिस्ट

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जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के राजनीतिक आरक्षण को लेकर अटकी हुई सारी उलझनें लगभग सुलझ गई हैं। ओबीसी आयोग की सिफारिशों वाली रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि इस बार प्रदेश की 41 जिला परिषदों की कुल 1,403 सीटों (वार्ड) में से 192 सीटें ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित रहेंगी, जो कुल सीटों का 13.68 प्रतिशत है। यानी हर सातवीं सीट पर अब पिछड़ा वर्ग का दावा पुख्ता होगा।

सबसे बड़ी बात यह कि आयोग ने जिला प्रमुख के पद पर ओबीसी आरक्षण में कोई फेरबदल नहीं किया है, जबकि वार्डों के पुनर्गठन और नई परिसीमन व्यवस्था के चलते जिला परिषद सदस्य, प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और सरपंच स्तर पर आरक्षित सीटों की संख्या में उल्लेखनीय बदलाव आया है।

जनसंख्या के आईने में ओबीसी का दबदबा

आयोग के सर्वे से निकले आंकड़े बताते हैं कि राजस्थान में जनआधार कार्ड धारकों की कुल आबादी 6.02 करोड़ से अधिक है। इनमें ओबीसी आबादी करीब 2.90 करोड़ आंकी गई है, यानी राज्य की कुल आबादी का 48.19 प्रतिशत। मतलब साफ है – राज्य में हर दूसरा व्यक्ति अन्य पिछड़ा वर्ग से आता है। हालांकि, आयोग ने एससी-एसटी के लिए पहले से आरक्षित सीटों को अलग रखने के बाद ही शेष उपलब्ध सीटों पर ओबीसी आरक्षण की गणना की है।

जिलेवार तस्वीर: जयपुर-सीकर में 10-10, जोधपुर-जालोर में 9-9

आयोग की सिफारिश में सबसे ज्यादा सीटें राजधानी जयपुर और शेखावाटी के सीकर को मिली हैं। दोनों जगह 10-10 सीटें ओबीसी के लिए प्रस्तावित हैं। जोधपुर और जालोर में 9-9, जबकि भीलवाड़ा, बीकानेर, चूरू और झुंझुनूं में 8-8 सीटें मिली हैं। बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़ और नागौर में 7-7 सीटों की सिफारिश की गई है।

प्रतिशत के लिहाज से देखें तो अजमेर सबसे आगे है, जहां ओबीसी के लिए 24.24 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश है। इसके बाद जोधपुर और जालोर में 20.93 प्रतिशत, चूरू में 20.51 प्रतिशत, सीकर में 20.41 प्रतिशत और भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन तथा खैरथल-तिजारा में 20 प्रतिशत आरक्षण की बात कही गई है।

एक नजर में – प्रमुख आंकड़े

विवरणआंकड़ा
कुल जिला परिषदें41
कुल वार्ड (सीटें)1,403
OBC के लिए प्रस्तावित सीटें192 (13.68%)
सबसे ज्यादा सीटेंजयपुर, सीकर में 10-10
सबसे ज्यादा प्रतिशतअजमेर – 24.24%
शून्य आरक्षण वाले जिलेबांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूंबर
जनआधार धारक6.02 करोड़+
OBC जनसंख्या2.90 करोड़ (48.19%)

चार जिलों में पहली बार शून्य आरक्षण, वजह जानकर चौंक जाएंगे

ऐसा पहली बार हो रहा है कि राजस्थान के किसी जिले में ओबीसी आरक्षण शून्य रखा गया हो। आयोग ने बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में जिला परिषद सीटों पर ओबीसी आरक्षण की सिफारिश ही नहीं की है। इसकी वजह यह है कि इन जिलों में अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी और पहले से आरक्षित सीटों का हिस्सा इतना अधिक है कि एससी-एसटी आरक्षण के बाद ओबीसी के लिए कोई सीट उपलब्ध ही नहीं बचती। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मद्देनजर यह व्यवस्था की गई है।

वहीं कुछ जिलों में ओबीसी का हिस्सा बेहद सीमित रहा है। उदयपुर की 47 जिला परिषद सीटों में से सिर्फ एक, सवाई माधोपुर की 31 में से एक, दौसा की 37 में से एक और करौली की 35 में से एक सीट ही ओबीसी के लिए प्रस्तावित है।

जिला परिषदों में OBC आरक्षण – जिलेवार पूरी सूची

नोट: आंकड़े ओबीसी आयोग की अनुशंसित रिपोर्ट से हैं।

क्र.सं.जिलाकुल सीटें (वार्ड)OBC जनसंख्या %अनुशंसित OBC %अनुशंसित सीटें
1अजमेर3364.0524.246
2अलवर3950.3412.825
3बालोतरा3156.5119.356
4बांसवाड़ा438.4200
5बारां2942.373.451
6बाड़मेर3768.2418.927
7ब्यावर2770.8918.525
8भरतपुर3157.0816.135
9भीलवाड़ा4554.8320.009
10बीकानेर4149.2419.518
11बूंदी2742.813.701
12चित्तौड़गढ़3548.5017.146
13चूरू3948.2820.518
14दौसा3735.592.701
15डीग2972.7320.696
16धौलपुर2951.2620.696
17डीडवाना-कुचामन3559.6120.007
18डूंगरपुर3712.1300
19हनुमानगढ़3756.6318.927
20जयपुर5753.5517.5410
21जैसलमेर2143.7819.054
22जालोर4341.3620.939
23झालावाड़3354.5115.155
24झुंझुनूं4158.8519.518
25जोधपुर4358.4820.939
26करौली3536.132.861
27नागौर3718.92*18.927
28सीकर4920.41*20.4110
29उदयपुर471
30सवाई माधोपुर311
31प्रतापगढ़00
32सलूंबर00
33खैरथल-तिजारा20.00

पाठकों के लिए पारदर्शिता: ऊपर दी गई तालिका में क्र.सं. 1 से 33 के आंकड़े ओबीसी आयोग की रिपोर्ट से लिए गए हैं। स्रोत-पृष्ठ पर टेबल के मध्य में ट्रंकेशन के चलते कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, पाली, राजसमंद, सिरोही, टोंक, श्रीगंगानगर, गंगापुर-सिटी और शाहपुरा जैसे शेष जिलों के विस्तृत आंकड़े (कुल सीटें/OBC प्रतिशत) इस पेज पर उपलब्ध नहीं हो सके – इन जिलों का संयुक्त हिस्सा मिलकर ही कुल 192 सीटों का आंकड़ा पूरा करता है। पुष्ट सूची का जोड़ 159 सीटें बनाता है; शेष ~33 सीटें अन्य जिलों में वितरित हैं।

जयपुर में किस पद पर कितना बदला गणित?

राजधानी जयपुर की जिला परिषद में कुल 57 वार्ड हैं, जिनमें से 10 सीटें यानी 17.54 प्रतिशत ओबीसी के लिए आरक्षित करने की सिफारिश की गई है। जोधपुर की 43 में से 9, जालोर की 43 में से 9 और बीकानेर की 41 में से 8 सीटें ओबीसी के खाते में जाने का प्रस्ताव है।

जयपुर जिले में विभिन्न पदों पर OBC आरक्षण – पुराना बनाम नया

पदपिछले चुनाव मेंअब (प्रस्तावित/स्थिति)
जिला प्रमुख55 (अपरिवर्तित)
जिला परिषद सदस्य148192
पंचायत समिति प्रधान5657
पंचायत समिति सदस्य1,0091,101
सरपंच1,6521,972

गौरतलब है कि सीटों में यह इजाफा मुख्य रूप से वार्डों के पुनर्गठन और नई परिसीमन व्यवस्था की देन है, न कि आरक्षण नीति में बदलाव का।

निकायों की लॉटरी आज, पंचायतों का रास्ता साफ

आरक्षण प्रक्रिया की रफ्तार इस बात से समझी जा सकती है कि इधर शहरी निकाय चुनाव की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। प्रदेश के 309 शहरी निकायों में प्रमुख पदों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को जयपुर में प्रस्तावित है। इनमें 10 नगर निगमों के मेयर, 51 नगर परिषदों के सभापति और 248 नगरपालिकाओं के अध्यक्ष शामिल हैं। इन पदों पर 60 ओबीसी, 50 एससी और 11 एसटी के लिए आरक्षण तय किए जाने हैं। प्रक्रिया के तहत पहले एससी, फिर एसटी और इसके बाद ओबीसी के लिए पदों का चयन होगा।

राजनीतिक मिजाज और आगे की राह

राज्य में पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं को कम से कम 50 प्रतिशत आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था के बीच ओबीसी के लिए 13.68 प्रतिशत सीटें तय करने के कदम को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद अब सरकार रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और अंतिम रोस्टर व अधिसूचना जारी करेगी। इसके बाद वार्डवार आरक्षण की लॉटरी निकाली जानी है, जिसके बाद ही चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा हो सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के 50 प्रतिशत की सीमा वाले सिद्धांत और जिलेवार जनसंख्या अनुपात के फॉर्मूले ने आरक्षण की तस्वीर को पिछली बारों से अलग कर दिया है – कुछ जिले बड़े दावेदार बने हैं तो कुछ में पिछड़ा वर्ग खाली हाथ रह सकता है। आगामी पंचायत चुनाव में यही गणित सियासी समीकरण तय करेगा।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. राजस्थान की जिला परिषदों में कुल कितनी सीटें हैं?
प्रदेश की 41 जिला परिषदों में कुल 1,403 वार्ड/सीटें हैं, जिनमें से 192 सीटें (13.68%) ओबीसी के लिए आरक्षित करने की सिफारिश की गई है।

2. किस जिले को सबसे ज्यादा ओबीसी आरक्षण मिला है?
सीटों की संख्या में जयपुर और सीकर (10-10) सबसे आगे हैं, जबकि प्रतिशत के हिसाब से अजमेर (24.24%) में सबसे ज्यादा आरक्षण प्रस्तावित है।

3. किन जिलों में ओबीसी आरक्षण शून्य है और क्यों?
बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में ओबीसी आरक्षण शून्य प्रस्तावित है, क्योंकि इन जिलों में एसटी आबादी और पहले से आरक्षित सीटों का हिस्सा अधिक है, जिसके बाद ओबीसी के लिए सीटें नहीं बचतीं।

4. पंचायत चुनाव कब हो सकते हैं?
आधिकारिक तारीखों की घोषणा अभी बाकी है। ओबीसी रिपोर्ट पर सरकार के फैसले और आरक्षण लॉटरी के बाद ही चुनाव कार्यक्रम जारी होगा। हाई कोर्ट की ओर से पहले 15 अप्रैल और बाद में विस्तारित कर 31 जुलाई 2026 तक चुनाव कराने के निर्देशों की चर्चा मीडिया रिपोर्ट्स में रही है (आधिकारिक पुष्टि बाकी)।

स्रोत: राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग – पंचायतीराज चुनाव 2026

इसे भी पढ़ें – राजस्थान में चुनाव का बड़ा अपडेट! निकाय 2 और पंचायत चुनाव 4 चरणों में, जानें पूरा कार्यक्रम

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