Wednesday, September 16, 2026
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बाड़मेर: 95 साल के बुजुर्ग से किया वादा 3 साल बाद पूरा, विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने स्वीकृत कराया नलकूप; परिवार का शुक्रिया

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क्या है पूरा मामला

बाड़मेर ज़िले के शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उनके चुनावी दौरे के दौरान किए एक साधारण-से वादे को ठीक तीन वर्ष बाद पूरा करा दिया है। बात उस समय की है जब सितंबर 2023 में भाटी की ‘शिव जन संवाद यात्रा’ गड़रारोड़ के बांडासर गाँव पहुँची थी। गाँव के 95 वर्षीय बुजुर्ग लांगे खान ने जनसभा के बाद धीरे से उठकर विधायक से एक ही शब्दों में कहा कि “नेता तो ख़ूब आए… आपसे एक उम्मीद है, हमारे लिए पानी ले आना।” भाटी ने वहीं खड़े होकर वादा किया कि “मैं चुनाव लड़ूँ या न लड़ूँ, जीतूँ या हारूँ… आपके लिए पानी ज़रूर लाऊंगा।” उस वचन को पूरा करने में उन्हें लगभग तीन साल और एक चुनाव लड़ चुके विधायक का दर्जा हासिल करना पड़ा। 11 अगस्त, 2026 को बीएडीपी (Border Area Development Programme) योजना के तहत बांडासर गाँव में सार्वजनिक नलकूप की आधिकारिक स्वीकृति मिल गई।

वचन से मंज़ूरी तक – पूरा सफ़र

सितंबर 2023 की जनसभा के बाद राजस्थान में विधानसभा चुनाव हुए और रविंद्र सिंह भाटी ने शिव सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूपि मैदान में उतरकर एक साथ चार दिग्गज नेताओं को पराजित किया और राजस्थान विधानसभा में पहुँचे। विधायक बनने के बाद उन्होंने अपने क्षेत्र के गाँवों की पेयजल समस्या को सबसे पहले उठाया। जुलाई 2025 में जल जीवन मिशन के तहत गाँव में नल कनेक्शन का काम शुरू कराया गया, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण जमीनी चुनौतियाँ कम नहीं हुईं। पानी की आपूूर्ति कभी पहुँचती तो कभी बाधित हो जाती। इसी दौरान विधायक भाटी ने थार क्षेत्र के विकास कार्यों के साथ बीएडीपी योजना के तहत एक सार्वजनिक नलकूप की अलग से माँग सरकार के समक्ष रखी। मंगलवार 11 अगस्त की जारी स्वीकृति सूची में बुजुर्ग लांगे खान के घर के नज़दीक प्रस्तावित बोरवेल का नाम भी शामिल था।

एक वादा जिसकी याद तीन साल बाद भी ताज़ा है

बांडासर गाँव में एक विडंबना यह भी रही कि वादे की नींव रखने वाले लांगे खान इस दुनिया में नहीं रहे, उनका निधन हो गया। लेकिन उनके परिवार ने इस वचन को ज़िंदा रखा। बेटे अकबर खान ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि “चुनाव से पहले कई नेता वादे करके भूल जाते हैं, लेकिन रविंद्र सिंह भाटी जैसा सच्चा नेता मैंने नहीं देखा। पिता की मृत्यु के बावजूद भाटी ने अपना वादा नहीं भुलाया और बोरवेल की स्वीकृति दिला दी।” यह परिवार की ओर से सार्वजनिक आभार का एक अनौपचारिक प्रमाणपत्र है, जो राजनीति में वादों के प्रति बढ़ते अविश्वास के दौर में अपवाद जैसा लगता है।

थार के गाँवों की पेयजल चुनौतियाँ

बाड़मेर राजस्थान का सबसे बड़ा और सीमावर्ती ज़िला है। यहाँ की भूजल स्थिति बेहद नाज़ुक है। स्वतंत्र रिपोर्टों के अनुसार 2014 से 2024 के दशक में अधिकांश निगरानी स्टेशनों ने भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की है, जबकि इसी अवधि में लगभग 1500 करोड़ रुपये की राशि पेयजल और जल संरक्षण कार्यों पर खर्च की गई। बांडासर जैसे गाँवों में पाइपलाइन, टैंकर और सार्वजनिक नलकूप का जाल ही एकमात्र सहारा है। ऐसे में एक सार्वजनिक बोरवेल का स्वीकृत होना गाँव के लिए आर्थिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से बड़ी राहत माना जाता है।

बीएडीपी और जल जीवन मिशन – दो अलग-अलग स्रोत

यहाँ यह समझना ज़रूरी है कि बांडासर में दो अलग योजनाओं का जुगाड़ है। जल जीवन मिशन केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम है, जिसके तहत घर-घर नल का कनेक्शन देना लक्ष्य है। इसके तहत जुलाई 2025 से गाँव में काम शुरू हुआ। दूसरी ओर बीएडीपी (Border Area Development Programme) सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से आवंटित योजना है, जिसमें सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और जल आपूूर्ति के काम किए जाते हैं। बांडासर के बोरवेल का स्वीकृत होना बीएडीपी के तहत हुआ है, जबकि नल कनेक्शन का काम जल जीवन मिशन के अंतर्गत जारी है। दोनों का मिलाजुला असर गाँव पर पड़ेगा। दावा: लागत, बोरिंग गहराई और टैंडर प्रक्रिया जैसे तकनीकी विवरण अभी सार्वजनिक सूचना में नहीं हैं; विभागीय अधिसूचना का इंतज़ार है।

क्षेत्र की बड़ी तस्वीर और राजनीतिक संदेश

रविंद्र सिंह भाटी राजस्थान के सबसे युवा विधायकों में से एक हैं। 2023 में निर्दलीय लड़कर चार दिग्गजों को हराने वाले इस नेता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 5,86,500 वोट (35.12 प्रतिशत) हासिल किए। बांडासर का प्रसंस इसलिए भी अहम है क्योंकि यह दिखाता है कि एक छोटे-से गाँव के बुजुर्ग की अपेक्षा को साधारण वचन से जोड़कर रखना और उसे पूरा करवाना क्षेत्र में विधायक की विश्वसनीयता को मज़बूत करता है। चुनावी दौर में ऐसी कहानियाँ ग्रामीण मतदाताओं के बीच लंबे समय तक याद रखी जाती हैं।

FAQs: पाठकों के अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र. बांडासर में नलकूप कब और किस योजना के तहत मंज़ूर हुआ?
उ. 11 अगस्त, 2026 को बीएडीपी (Border Area Development Programme) योजना के तहत बांडासर गाँव में सार्वजनिक नलकूप की स्वीकृति मिली है। यह विधायक रविंद्र सिंह भाटी की अनुशंसा पर संभव हो सका।

प्र. विधायक रविंद्र सिंह भाटी कौन हैं और किस सीट से हैं?
उ. रविंद्र सिंह भाटी राजस्थान विधानसभा में शिव (बाड़मेर) क्षेत्र से निर्दलीय विधायक हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में एक सीट पर चार दिग्गज नेताओं को पराजित किया था।

प्र. पहला वादा कब और किस बुजुर्ग से किया गया?
उ. सितंबर 2023 में ‘शिव जन संवाद यात्रा’ के दौरान गड़रारोड़ के बांडासर गाँव की जनसभा में 95 वर्षीय लांगे खान ने पानी की माँग रखी, जिसका वचन भाटी ने तुरंत दिया।

प्र. लांगे खान का निधन कब हुआ?
उ. रिपोर्ट्स के अनुसार वचन मिलने के बाद लांगे खान का निधन हो गया। विधायक ने उनके निधन के बावजूद वचन याद रखा और स्वीकृति दिलाई।

प्र. बांडासर गाँव कहाँ है?
उ. बांडासर गाँव बाड़मेर ज़िले के गड़रारोड़ पंचायत क्षेत्र में स्थित है। यह थार का सीमावर्ती हिस्सा है, जहाँ पेयजल एक पुरानी चुनौती है।

प्र. जल जीवन मिशन के तहत पहले क्या काम हुआ?
उ. जल जीवन मिशन के तहत जुलाई 2025 से गाँव में नल कनेक्शन का काम शुरू कराया गया, हालांकि आपूूर्ति अब भी बाधित होती है। नया बोरवेल बीएडीपी योजना से स्वीकृत हुआ है।

प्र. विधायक भाटी ने वचन पूरा करने के लिए क्या किया?
उ. उन्होंने थार क्षेत्र के विकास कार्यों के अलावा बीएडीपी योजना के तहत बांडासर में सार्वजनिक नलकूप की माँग सरकार के समक्ष रखी और स्वीकृति मिलने तक उसका पीछा किया।

निष्कर्ष

एक ढाणी के 95 साल के बुजुर्ग की “बेटा, पानी ले आना” की पुकार और उस पर एक युवा विधायक का “चुनाव लड़ूँ या हारूँ, पानी ज़रूर लाऊंगा” का वचन – तीन साल बाद बांडासर में बोरवेल की स्वीकृति के साथ पूरा हुआ। बुजुर्ग के परिवार का वीडियो संदेश इस बात का प्रमाण है कि राजनीति में वादे अगर इरादों और प्रशासनिक पहुँच के साथ जुड़ें तो ग्रामीण जीवन में असली बदलाव ला सकते हैं। अगला कदम अब ज़मीन पर है – बोरिंग शुरू हो, पानी ऊपर आए और बांडासर की हर ढाणी तक पहुँचे।

Bhanwar Singh Thada
Bhanwar Singh Thadahttps://theharawal.com
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