राजस्थान में 4 अगस्त 2026 के लिए जारी मौसम अपडेट में जयपुर, दौसा, झुंझुनूं और भरतपुर में ऑरेंज अलर्ट तथा आठ जिलों में येलो अलर्ट का उल्लेख किया गया है। इन इलाकों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की उप-विभागीय चेतावनी तालिका में 4 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के लिए अलग-अलग स्तर पर ‘कोई चेतावनी नहीं’ दर्ज है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी ताजा आधिकारिक अपडेट को प्राथमिकता देना जरूरी है।
राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का अपडेट
राजस्थान में मानसून गतिविधियों के बीच 4 अगस्त 2026 को कई जिलों में बारिश और मेघगर्जन की संभावना जताई गई है। संदर्भित मौसम रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर, दौसा, झुंझुनूं और भरतपुर में कहीं-कहीं मध्यम से तीव्र मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की आशंका है। इन चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख किया गया है।
वहीं करौली, धौलपुर, डीग, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर और चूरू के लिए येलो अलर्ट बताया गया है। इन इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। यह जानकारी 4 अगस्त 2026 के लिए जारी किए गए संदर्भित मौसम अपडेट पर आधारित है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में क्या रहेगा मौसम?
संदर्भित रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर, दौसा, झुंझुनूं और भरतपुर में कुछ स्थानों पर मध्यम से तीव्र मेघगर्जन हो सकता है। बारिश के दौरान अचानक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली चमकने और गरजने की स्थिति बन सकती है। ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि मौसम की संभावित गतिविधि सामान्य जनजीवन, यातायात और स्थानीय सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
| जिला | संभावित मौसम | अनुमानित हवा की रफ्तार |
|---|---|---|
| जयपुर | मेघगर्जन, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश | 40–50 किमी/घंटा |
| दौसा | मध्यम से तीव्र मेघगर्जन और बारिश | 40–50 किमी/घंटा |
| झुंझुनूं | गरज-चमक के साथ बारिश | 40–50 किमी/घंटा |
| भरतपुर | मेघगर्जन, तेज हवा और बारिश | 40–50 किमी/घंटा |
इन जिलों में येलो अलर्ट
करौली, धौलपुर, डीग, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर और चूरू में येलो अलर्ट का उल्लेख किया गया है। यहां कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है।
इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बताई गई है। येलो अलर्ट के दौरान लोगों को मौसम पर नजर रखने और खुले स्थानों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी जाती है।
येलो अलर्ट वाले जिले
| जिला | संभावित मौसम | अनुमानित हवा की रफ्तार |
|---|---|---|
| करौली | मेघगर्जन और हल्की से मध्यम बारिश | 30–40 किमी/घंटा |
| धौलपुर | गरज-चमक के साथ बारिश | 30–40 किमी/घंटा |
| डीग | मेघगर्जन और बारिश | 30–40 किमी/घंटा |
| अलवर | तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश | 30–40 किमी/घंटा |
| खैरथल-तिजारा | गरज-चमक और बारिश | 30–40 किमी/घंटा |
| कोटपूतली-बहरोड़ | तेज हवा के साथ बारिश | 30–40 किमी/घंटा |
| सीकर | मेघगर्जन और बारिश | 30–40 किमी/घंटा |
| चूरू | गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश | 30–40 किमी/घंटा |
मानसून ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर खिसकने का असर
मौसम रिपोर्ट के अनुसार मानसून ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर खिसकने से राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखी गईं। 3 अगस्त को श्रीगंगानगर, भरतपुर, जयपुर और सीकर के कुछ क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई।
इस दौरान श्रीगंगानगर में सर्वाधिक 62 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि जयपुर कलक्ट्रेट पर 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। रिपोर्ट में डीग, धौलपुर और करौली सहित कुछ अन्य जिलों में भी बारिश का उल्लेख किया गया है।
दर्ज बारिश के प्रमुख आंकड़े
| स्थान | दर्ज बारिश |
|---|---|
| श्रीगंगानगर | 62 मिमी |
| जयपुर कलक्ट्रेट | 7 मिमी |
4 और 5 अगस्त को कहां बारिश का पूर्वानुमान?
संदर्भित पूर्वानुमान के अनुसार 4 और 5 अगस्त को राजस्थान के उत्तरी तथा पूर्वी भागों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। 6 से 8 अगस्त के बीच उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
IMD के आधिकारिक उप-विभागीय पूर्वानुमान में क्या दर्ज है?
मौसम विज्ञान विभाग के मौसम केंद्र जयपुर की उप-विभागीय चेतावनी तालिका में 4 अगस्त 2026 को पश्चिमी राजस्थान के लिए ‘कोई चेतावनी नहीं’ दर्ज है। इसी तालिका में 5 और 6 अगस्त के लिए भी पश्चिमी राजस्थान में कोई चेतावनी नहीं बताई गई है, जबकि 7 से 10 अगस्त के बीच भारी बारिश का उल्लेख है।
पूर्वी राजस्थान के लिए उसी आधिकारिक तालिका में 4 और 5 अगस्त को ‘कोई चेतावनी नहीं’, जबकि 6 से 10 अगस्त तक भारी बारिश का उल्लेख किया गया है।
आधिकारिक उप-विभागीय तालिका
| क्षेत्र | 4 अगस्त | 5 अगस्त | 6 अगस्त | 7–10 अगस्त |
|---|---|---|---|---|
| पश्चिमी राजस्थान | कोई चेतावनी नहीं | कोई चेतावनी नहीं | कोई चेतावनी नहीं | भारी बारिश |
| पूर्वी राजस्थान | कोई चेतावनी नहीं | कोई चेतावनी नहीं | भारी बारिश | भारी बारिश |
अलग-अलग चेतावनियों को कैसे समझें?
जिला-स्तरीय और उप-विभागीय पूर्वानुमान अलग-अलग भौगोलिक स्तर पर जारी किए जाते हैं। किसी जिले या उसके आसपास के क्षेत्र के लिए स्थानीय चेतावनी और पूरे उप-विभाग के लिए जारी चेतावनी में अंतर हो सकता है।
इसलिए नागरिकों को अपने जिले के लिए मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर और भारत मौसम विज्ञान विभाग की ताजा चेतावनी को प्राथमिकता देनी चाहिए। मौसम संबंधी अलर्ट समय, स्थान और नए अवलोकनों के आधार पर बदल सकते हैं।
बारिश और तेज हवा के दौरान क्या सावधानी बरतें?
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों।
- तेज हवा चलने पर कमजोर छतों, अस्थायी ढांचों और होर्डिंग्स से दूरी बनाए रखें।
- बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से लंबी यात्रा करने से बचें।
- बिजली गिरने की आशंका में मोबाइल टावर, धातु की रेलिंग और ऊंची संरचनाओं के पास न जाएं।
- जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
- खेतों में काम कर रहे लोग मौसम साफ होने तक सुरक्षित स्थान पर रहें।
- स्थानीय प्रशासन और IMD की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।
किसानों और यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
बारिश की संभावना वाले जिलों में किसानों को खेतों में खुले में रखी कृषि सामग्री, खाद और उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने पर ध्यान देना चाहिए। तेज हवा की आशंका वाले क्षेत्रों में अस्थायी ढांचे और फसल सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना उपयोगी रहेगा।
यात्रियों को सड़क की स्थिति, जलभराव और स्थानीय यातायात व्यवस्था की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए। पहाड़ी, नदी किनारे या निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
राजस्थान में मानसून गतिविधियों का क्षेत्रीय पैटर्न
उपलब्ध रिपोर्टों में 3 अगस्त को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान में बारिश का असर अधिक दिखाई देने की बात कही गई है। श्रीगंगानगर में 62 मिलीमीटर बारिश का आंकड़ा इसी क्षेत्रीय गतिविधि को रेखांकित करता है। दूसरी ओर, रिपोर्ट में जोधपुर, उदयपुर और कोटा संभागों में उल्लेखनीय बारिश कम रहने की बात भी कही गई है।
मौसम अपडेट में सबसे महत्वपूर्ण बातें
- 4 अगस्त 2026 के लिए जयपुर, दौसा, झुंझुनूं और भरतपुर में ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख।
- करौली, धौलपुर, डीग, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर और चूरू में येलो अलर्ट का उल्लेख।
- ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में 40–50 किमी प्रति घंटे की हवा की संभावना।
- येलो अलर्ट वाले जिलों में 30–40 किमी प्रति घंटे की हवा की संभावना।
- श्रीगंगानगर में 62 मिमी और जयपुर कलक्ट्रेट में 7 मिमी बारिश दर्ज।
- IMD की उप-विभागीय तालिका में पूर्वी राजस्थान के लिए 6 अगस्त से और पश्चिमी राजस्थान के लिए 7 अगस्त से भारी बारिश का उल्लेख।
FAQs: आपके प्रश्न ?
प्रश्न 1: राजस्थान में 4 अगस्त 2026 को किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट बताया गया है?
उत्तर: संदर्भित मौसम अपडेट के अनुसार जयपुर, दौसा, झुंझुनूं और भरतपुर में ऑरेंज अलर्ट का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 2: राजस्थान में येलो अलर्ट किन जिलों के लिए जारी बताया गया है?
उत्तर: करौली, धौलपुर, डीग, अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर और चूरू के लिए येलो अलर्ट का उल्लेख है।
प्रश्न 3: ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में हवा की गति कितनी रह सकती है?
उत्तर: संदर्भित रिपोर्ट के अनुसार ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में अचानक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
प्रश्न 4: येलो अलर्ट वाले जिलों में मौसम कैसा रहने की संभावना है?
उत्तर: इन जिलों में हल्के से मध्यम मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बताई गई है।
प्रश्न 5: राजस्थान में सबसे अधिक बारिश कहां दर्ज की गई?
उत्तर: संदर्भित रिपोर्ट के अनुसार 3 अगस्त को श्रीगंगानगर में 62 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
प्रश्न 6: जयपुर में कितनी बारिश दर्ज हुई?
उत्तर: जयपुर कलक्ट्रेट पर 7 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 7: IMD की उप-विभागीय चेतावनी में 4 अगस्त को क्या कहा गया है?
उत्तर: मौसम केंद्र जयपुर की उप-विभागीय तालिका में 4 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के लिए ‘कोई चेतावनी नहीं’ दर्ज है। वहीं बाद की तारीखों में भारी बारिश का उल्लेख किया गया है। जिला-स्तरीय स्थानीय अपडेट इससे अलग हो सकता है, इसलिए ताजा आधिकारिक चेतावनी देखना जरूरी है।
14. निष्कर्ष
राजस्थान में 4 अगस्त 2026 को बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना को लेकर जिला-स्तरीय मौसम अपडेट में जयपुर, दौसा, झुंझुनूं और भरतपुर के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट का उल्लेख किया गया है।
वहीं मौसम केंद्र जयपुर की उप-विभागीय चेतावनी तालिका में 4 और 5 अगस्त को व्यापक स्तर पर कोई चेतावनी नहीं दर्ज है, जबकि 6 अगस्त के बाद पूर्वी और 7 अगस्त के बाद पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है। इन दोनों स्तरों की चेतावनियों में अंतर को देखते हुए नागरिकों को अपने जिले के लिए जारी ताजा IMD बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर भरोसा करना चाहिए।
यह लेख 4 अगस्त 2026 को उपलब्ध संदर्भित समाचार रिपोर्टों और मौसम केंद्र जयपुर की आधिकारिक उप-विभागीय चेतावनी पर आधारित है। मौसम संबंधी चेतावनियां नए आंकड़ों के आधार पर बदल सकती हैं।