राजस्थान में राशन कार्ड धारकों के लिए एक बड़ा बदलाव आ गया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया है। अब यदि कोई लाभार्थी निर्धारित समय में अपनी केवाईसी पूरी नहीं कराता, तो उसका नाम पहले अस्थायी रूप से निलंबित होगा और लापरवाही बरतने पर स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा। साथ ही, छह महीने से राशन नहीं उठाने वाले परिवारों के नाम भी स्वतः हटने की कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
क्या है खाद्य विभाग की नई व्यवस्था?
विभाग ने NFSA सूची को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए एक स्वचालित प्रक्रिया शुरू की है। इसका मकसद दो तरह के लाभार्थियों की छंटनी करना है – पहला, जो नाम जुड़ने के बाद अपनी पहचान सत्यापित (e-KYC) नहीं कराते, और दूसरा, जो लंबे समय तक राशन ही नहीं लेते। यह आदेश विभाग के अतिक्ति खाद्य आयुक्त पूनम प्रसाद सागर की ओर से जारी किया गया है और यह पूरे राज्य में लागू होगा।
बड़ी बात यह है कि यह नियम परिवार के एक सदस्य पर नहीं, बल्कि हर लाभार्थी पर अलग-अलग लागू होगा। यानी परिवार के प्रत्येक सदस्य को अपनी केवाईसी अलग से करानी होगी।
नियम 1: 90 दिन में e-KYC अनिवार्य, नहीं तो नाम निलंबित
नई व्यवस्था के तहत जैसे ही किसी लाभार्थी का नाम NFSA सूची में जुड़ता है, उसे 90 दिनों के भीतर e-KYC कराना अनिवार्य हो जाता है। इस अवधि में केवाईसी न कराने पर:
- 91वें दिन से नाम स्वतः अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा।
- निलंबन के दौरान नाम राशन डीलर की सूची में दिखाई देता रहेगा, लेकिन खाद्यान्न वितरण नहीं हो सकेगा।
- निलंबन के बाद भी 90 दिनों का अतिरिक्त अवसर मिलेगा – इस दौरान डीलर के पास जाकर e-KYC पूरी करवाने पर 24 घंटे के भीतर नाम स्वतः पुनः सक्रिय हो जाएगा।
- यदि कुल 180 दिन (90+90) में भी केवाईसी नहीं होती, तो नाम स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा।
नियम 2: 6 महीने राशन न लेने वालों का नाम भी होगा हट
दूसरी बड़ी शर्त उन परिवारों से जुड़ी है, जो लंबे समय से राशन नहीं उठा रहे हैं। व्यवस्था के अनुसार:
- जो परिवार लगातार छह महीने तक खाद्यान्न का उठाव नहीं करेगा, उसका नाम स्वतः अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा।
- निलंबन पर लाभार्थी को संदेश (SMS/सूचना) के जरिए सूचित किया जाएगा।
- इसके बाद 90 दिनों की अवधि में जिला रसद अधिकारी जांच कर सकते हैं, या परिवार खुद पुनः सक्रियता के लिए आवेदन कर सकता है।
- 90 दिन बाद भी स्थिति नहीं सुधरने पर नाम स्थायी रूप से सूची से हटा दिया जाएगा।
इसके अलावा यदि किसी परिवार को अपात्र पाया जाता है, तो संबंधित जिला रसद अधिकारी विभागीय पोर्टल पर उसे अस्थायी रूप से निलंबित कर सकेंगे।
पूरी समय-सीमा एक नज़र में (टेबल)
e-KYC से जुड़ी समय-सीमा:
| चरण | समय | स्थिति |
|---|---|---|
| चरण 1 | नाम जुड़ने से 90 दिन | e-KYC कराने की प्राथमिक अवधि |
| चरण 2 | 91वाँ दिन | e-KYC न होने पर स्वतः अस्थायी निलंबन |
| चरण 3 | निलंबन के बाद 90 दिन | डीलर के पास e-KYC कराने का अंतिम अवसर; 24 घंटे में पुनः सक्रियता |
| चरण 4 | कुल 180 दिन (90+90) | e-KYC न होने पर नाम स्थायी रूप से हटाया जाएगा |
राशन न लेने पर समय-सीमा:
| चरण | स्थिति | असर |
|---|---|---|
| 6 महीने तक राशन न उठाना | स्वतः अस्थायी निलंबन | संदेश से सूचना |
| निलंबन के बाद 90 दिन | जिला रसद अधिकारी जांच / पुनः सक्रियता आवेदन | नाम बचाने का अवसर |
| 90 दिन बाद | स्थायी निष्कासन | नाम सूची से हमेशा के लिए बाहर |
e-KYC कैसे कराएं? (हाइलाइट्स)
- राशन डीलर के पास: सबसे आसान तरीका अपने इलाके के राशन डीलर की दुकान पर जाकर केवाईसी पूरी करवाना है। पूरी होने पर 24 घंटे के भीतर नाम फिर सक्रिय हो जाता है।
- मेरा राशन ऐप: स्मार्टफोन पर मेरा राशन (Mera Ration) ऐप से राशन कार्ड की जानकारी, शेष कोटा और लेन-देन का ब्योरा देखा जा सकता है।
- आधार फेस प्रमाणीकरण: आधार आधारित चेहरे की पहचान (Face Authentication) के लिए NIC की ओर से “मेरा e-KYC” ऐप उपलब्ध है, जिससे घर बैठे प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
- केंद्र सरकार का निर्देश: राष्ट्रीय स्तर पर भी खाद्य विभाग (DFPD) ने संदिग्ध राशन कार्ड धारकों की फील्ड जांच 90 दिनों में पूरी करने की सलाह दी है, ताकि सत्यापन प्रक्रिया तेज हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या सभी राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC अनिवार्य है?
हाँ। यह नियम पूरे राजस्थान के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के सभी लाभार्थियों पर लागू है, और यह हर लाभार्थी के स्तर पर अलग-अलग लागू होता है।
2. 90 दिन का नियम क्या है?
नाम NFSA सूची में जुड़ने के बाद 90 दिनों के भीतर e-KYC कराना अनिवार्य है। नहीं कराने पर 91वें दिन नाम अस्थायी रूप से निलंबित हो जाता है।
3. नाम निलंबित होने पर भी राशन मिलेगा?
नहीं। निलंबन के दौरान नाम डीलर की सूची में दिखता रहेगा, लेकिन खाद्यान्न वितरण नहीं होगा।
4. निलंबन के बाद नाम वापस कैसे सक्रिय होगा?
राशन डीलर के पास जाकर e-KYC पूरी कराने पर 24 घंटे के भीतर नाम स्वतः पुनः सक्रिय हो जाएगा।
5. 6 महीने राशन न लेने पर क्या होगा?
परिवार का नाम अस्थायी रूप से निलंबित होगा और संदेश से सूचना दी जाएगी। इसके बाद 90 दिनों का अवसर मिलेगा; अवधि बीतने पर नाम स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा।
6. क्या पूरे परिवार के लिए एक बार केवाईसी काफी है?
नहीं। यह प्रक्रिया व्यक्तिगत स्तर पर लागू है – परिवार के प्रत्येक लाभार्थी सदस्य को अलग-अलग e-KYC करानी होगी।
7. e-KYC कहां करा सकते हैं?
अपने संबंधित राशन डीलर के पास या मोबाइल ऐप (मेरा राशन / आधार फेस प्रमाणीकरण) के माध्यम से।
8. यह व्यवस्था कब से लागू है?
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। आदेश विभाग के अतिरिक्त खाद्य आयुक्त की ओर से जारी किया गया है।
निष्कर्ष
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की यह नई व्यवस्था राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मकसद साफ है – योजना का लाभ केवल पात्र और सक्रिय उपभोक्ताओं तक पहुंचे, नामों की बाजीगरी या लंबे समय तक राशन न उठाने वालों के कारण कोई नुकसान न हो। राशन कार्ड धारकों के लिए सलाह सीधी है: देर न करें – अपनी और परिवार के हर सदस्य की e-KYC जल्द से जल्द करवा लें, ताकि नाम निलंबित होने और राशन बंद होने जैसी परेशानी से बचा जा सके। अपडेट के लिए खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय राशन डीलर से संपर्क में रहें।
मुख्य स्रोत:
- DFPD – e-KYC एवं आधार सत्यापन परामर्श
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