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Thursday, July 30, 2026
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राजस्थान में मानसून का दोहरा रूप: 22 जिलों में यलो अलर्ट, टोंक में 101MM बारिश

राजस्थान पर मानसून का दो-रंगा चेहरा

राजस्थान पर इस साल मानसून ने अपनी असली ताकत दिखानी शुरू कर दी है। एक तरफ़ जहां पूर्वी राजस्थान के ज़िले झमाझम बारिश से तरबतर हो रहे हैं, वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्से अब भी आग उगल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), जयपुर केंद्र ने मंगलवार को राज्य के 22 ज़िलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही उदयपुर और कोटा संभाग में 30-31 जुलाई को कहीं-कहीं भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूरा प्रदेश अगले 3 दिनों तक बारिश के दौर में रहेगा।

पिछले 24 घंटे का हाल: कहां कितना पानी बरसा?

मंगलवार को राज्य के अधिकतर ज़िलों में बादलों ने डेरा डाला और तेज़ बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। टोंक ज़िले में सबसे ज़्यादा 101 मिलीमीटर (लगभग 4 इंच) बारिश दर्ज की गई, जबकि झालावाड़ के झालरापाटन में 87 मिमी बरसात हुई। इनके अलावा भरतपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अलवर, चित्तौड़गढ़, नागौर, करौली, कोटा, राजसमंद और सवाई माधोपुर में भी जमकर बारिश हुई।

धौलपुर में तेज़ बरसात से बसेड़ी और सैंपउ में कई मकानों को नुकसान पहुंचा, हालांकि राहत की बात यह रही कि कहीं से भी जनहानि की सूचना नहीं है।

तापमान का उतार-चढ़ाव: कहीं ठंडक, कहीं आग

बारिश ने चित्तौड़गढ़, सीकर, पिलानी, जयपुर, अलवर, चूरू, करौली और दौसा में दिन के तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट ला दी। लेकिन उत्तरी राजस्थान की तस्वीर बिलकुल उलट है। श्रीगंगानगर में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, हालांकि शाम ढलते-ढलते वहां भी बारिश की बूंदों ने राहत की सांस दी।

IMD का विश्लेषण: बंगाल की खाड़ी से आ रही ऊर्जा

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना डीप-डिप्रेशन सिस्टम पश्चिम बंगाल और ओडिशा तट के पास सक्रिय है। साथ ही मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति में बह रही है और इस सिस्टम से जुड़ रही है। इसी वजह से राजस्थान में मानसून का एक्टिव फेज शुरू हो गया है और अगले तीन दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा।

प्रमुख शहरों का मौसम-बुलेटिन

जयपुर – हल्की बारिश, शहर 32.6°C

राजधानी में मंगलवार को पूरे दिन बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश हुई। जेएलएन मार्ग पर लगभग 16 मिमी बारिश दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान 32.6°C रहा। ग्रामीण इलाकों की बात करें तो जालसू में 25 मिमी, सांभर में 15 मिमी, बस्सी में 16 मिमी और आमेर में 18 मिमी बरसात हुई।

उदयपुर – बारिश का इंतज़ार, 31.7°C

उदयपुर शहर में मंगलवार को बारिश नहीं हुई, हालांकि मौसम दिनभर करवटें बदलता रहा। इससे पहले सोमवार रात झाड़ोल क्षेत्र के ओगणा में अच्छी बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31.7°C और न्यूनतम 22.5°C रहा। IMD ने 30-31 जुलाई को यहां भारी बारिश की चेतावनी दी है।

कोटा – एक घंटे की मूसलाधार बारिश, नदी उफान पर

कोटा में सुबह धूप खिली रही, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक रंग बदला और करीब एक घंटे तक अलग-अलग इलाकों में जमकर बारिश हुई। अधिकतम तापमान 33.4°C और न्यूनतम 27.2°C दर्ज किया गया। मंडाना के पास रावठा नदी उफान पर आ गई, जिससे उम्मेदपुरा और रावठा गांव का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया।

अलवर – तीन फीट पानी, स्कूल बस फंसी

अलवर में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। शहर के अलावा ज़िले के कई इलाकों में तेज़ बारिश शुरू हो गई। सिलीसेढ़ और राजगढ़ क्षेत्र में कई जगह सड़कों पर तीन फीट से अधिक पानी भर गया। एक स्कूल बस भी पानी में फंस गई, हालांकि बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

जोधपुर – उमस भरी गर्मी, 35°C

जोधपुर में मंगलवार को मौसम साफ रहा और दिन में धूप निकली। उमस ने लोगों को खून पसीना बहाया। शाम करीब 6 बजे आसमान में बादल छाए। अगले तीन दिनों के लिए कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन 1 अगस्त से दोबारा मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। तापमान 35°C दर्ज किया गया।

सीकर – ढाई बजे ‘स्टॉर्म मोड’, लक्ष्मणगढ़ में 51MM

सीकर में दोपहर करीब ढाई बजे तेज़ हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। ग्रामीण इलाकों में भी जमकर बरसात हुई। लक्ष्मणगढ़ तहसील में सबसे ज़्यादा 51 मिमी बारिश हुई। शहर के फतेहपुर में बाज़ार में करीब आधा फीट पानी भर गया।

आगे का पूर्वानुमान: 2 अगस्त तक बारिश का दौर

तारीखसंभावित हाल
29-30 जुलाई22 ज़िलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट, कहीं-कहीं भारी बारिश
30-31 जुलाईउदयपुर व कोटा संभाग में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी
1 अगस्तजोधपुर संभाग में मौसम बदलने की संभावना
2 अगस्त तकपूरे प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान

ज़रूरी सुरक्षा सलाह

  1. बारिश के दौरान पुराने या क्षतिग्रस्त मकानों में न रहें। धौलपुर में जो हुआ, वह कहीं भी हो सकता है।
  2. नदी-नालों के पास जाने से बचें, खासतौर पर कोटा के रावठा और उम्मेदपुरा जैसे इलाकों में।
  3. स्कूल बसों और बच्चों की आवाजाही पर अभिभावक नज़र रखें। अलवर में बस फंसने की घटना सबक है।
  4. ज़रूरी यात्रा ही 30-31 जुलाई को करें, वो भी उदयपुर-कोटा संभाग में अतिभारी बारिश की चेतावनी के बीच।
  5. मोबाइल पर IMD Jaipur और मौसम केंद्र के अपडेट्स रेगुलर चेक करते रहें।

निष्कर्ष: मानसून ने पकड़ी रफ़्तार, सतर्कता है ज़रूरी

राजस्थान में मानसून ने अब अपनी पूरी रफ़्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी का डीप-डिप्रेशन, मानसून ट्रफ की सामान्य स्थिति और पश्चिमी विक्षोभ का मेल राजस्थान को अगले एक हफ़्ते तक भीगाएगा। किसानों के लिए यह अच्छी ख़बर है – खरीफ़ की फ़सलों को अब पर्याप्त पानी मिलेगा – लेकिन आमजन के लिए ज़रूरी है कि वे सतर्क रहें, अफ़वाहों से बचें और सिर्फ़ आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें।

स्रोत

  • भारत मौसम विज्ञान विभाग, जयपुर – IMD मानसून इंफ़ोर्मेशन (28 जुलाई 2026 प्रेस रिलीज़) mausam.imd.gov.in
  • IMD जयपुर – East Rajasthan District Warning (28.07.2026) mausam.imd.gov.in

डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग पोस्ट सोमवार-मंगलवार के मौसम डेटा और IMD की 28-31 जुलाई 2026 की प्रेस रिलीज़ पर आधारित है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अंतिम निर्णय से पहले IMD की ताज़ा बुलेटिन ज़रूर देखें।

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