जयपुर: सावन के दौरान हरिद्वार जाने वाले राजस्थान के कांवड़ यात्रियों के लिए पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राजस्थान पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी का उद्देश्य यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना है।
कांवड़ यात्रा 2026: राजस्थान पुलिस की नई गाइडलाइन
पुलिस की गाइडलाइन में साफ किया गया है कि कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था का विषय है, इसलिए यात्रियों को अनुशासन, सामाजिक सौहार्द और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा। यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील भी की गई है। इसमें श्रद्धालुओं से जहां वैध पहचान पत्र साथ रखने और निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील की गई है, वहीं हथियारनुमा वस्तुओं, नशे, तेज आवाज वाले DJ और यातायात बाधित करने वाली गतिविधियों पर सख्ती की बात कही गई है।
राजस्थान पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था वी.के. सिंह ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को कांवड़ यात्रा के दौरान बेहतर समन्वय, सतर्कता और प्रभावी पुलिस प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कांवड़ियों को साथ रखना होगा मूल पहचान पत्र
राजस्थान पुलिस ने कांवड़ यात्रियों से यात्रा के दौरान अपना मूल और वैध पहचान पत्र साथ रखने को कहा है। इसके लिए आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज मान्य बताए गए हैं।
पहचान पत्र साथ रखने की सलाह सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। यात्रा के दौरान पुलिस जांच, आपात स्थिति या किसी अन्य प्रशासनिक आवश्यकता के समय इससे यात्रियों की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। इसलिए श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले अपने पहचान पत्र की वैधता और उपलब्धता अवश्य जांच लेनी चाहिए।
यात्रियों के लिए उपयोगी सावधानियां
- मूल पहचान पत्र सुरक्षित स्थान पर रखें।
- पहचान पत्र किसी दूसरे यात्री को न सौंपें।
- बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा कर रहे लोग उनके जरूरी दस्तावेज भी साथ रखें।
- मोबाइल फोन में पहचान पत्र की तस्वीर रखने के साथ मूल दस्तावेज भी अपने पास रखें।
- किसी भी जांच के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करें।
केवल निर्धारित कांवड़ मार्गों से ही यात्रा
एडवाइजरी के अनुसार कांवड़ यात्रियों को केवल निर्धारित पारंपरिक कांवड़ मार्गों का इस्तेमाल करना होगा। अन्य स्रोतों में राजस्थान पुलिस की सलाह के साथ वैकल्पिक नहर पटरी मार्गों का भी उल्लेख किया गया है। इसका मकसद मुख्य सड़कों पर अनावश्यक भीड़, यातायात अवरोध और दुर्घटना की आशंका को कम करना है।
श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले अपने संबंधित जिला प्रशासन या पुलिस से मार्ग की ताजा जानकारी लेनी चाहिए। रास्ते में स्थानीय पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड, डायवर्जन और सुरक्षा निर्देशों का पालन करना भी जरूरी होगा।
त्रिशूल, हॉकी, डंडे और नुकीली वस्तुओं पर रोक
राजस्थान पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान हॉकी, डंडे, त्रिशूल, बेसबॉल बैट और किसी भी तरह के हथियार या नुकीली वस्तु साथ ले जाने पर रोक लगाई है। यह प्रतिबंध यात्रा के दौरान विवाद, भय और कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों को रोकने के उद्देश्य से लगाया गया है।
कांवड़ यात्रा में शामिल लोगों को यह समझना होगा कि धार्मिक प्रतीक और हथियारनुमा वस्तु में अंतर होता है। किसी भी ऐसी वस्तु को साथ ले जाने से बचना चाहिए, जिसे पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से आपत्तिजनक या खतरनाक मान सकती है।
इन वस्तुओं को साथ न ले जाएं
- हॉकी स्टिक
- लोहे या लकड़ी के डंडे
- त्रिशूल
- बेसबॉल बैट
- चाकू या अन्य नुकीली वस्तुएं
- किसी भी प्रकार के हथियार
- विवाद या प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल की जा सकने वाली सामग्री
शराब और नशीले पदार्थों पर सख्त पाबंदी
पुलिस ने कांवड़ यात्रा के दौरान शराब और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन को प्रतिबंधित किया है। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की गई है।
नशे की स्थिति में वाहन चलाना, समूह के साथ आगे बढ़ना या सार्वजनिक स्थान पर विवाद करना सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए कांवड़ यात्रियों और उनके साथ चल रहे वाहन चालकों को नशे से पूरी तरह दूर रहने की सलाह दी गई है।
तेज DJ और भड़काऊ गीतों पर भी रोक
कांवड़ यात्रा के दौरान निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक आवाज में DJ बजाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गीतों और नारों पर भी रोक रहेगी।
पुलिस का जोर इस बात पर है कि धार्मिक यात्रा के दौरान ध्वनि-प्रदूषण, स्थानीय लोगों को परेशानी और समुदायों के बीच तनाव जैसी स्थिति न बने। DJ संचालकों और यात्रा आयोजकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि संगीत प्रणाली की आवाज निर्धारित सीमा में रहे।
DJ और संगीत को लेकर जरूरी निर्देश
- DJ की आवाज निर्धारित सीमा से अधिक न हो।
- भड़काऊ या आपत्तिजनक गीत न बजाए जाएं।
- ऐसे नारे न लगाए जाएं, जिनसे तनाव पैदा हो।
- स्थानीय निवासियों, मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा का ध्यान रखा जाए।
- पुलिस या प्रशासन के निर्देश पर DJ तुरंत बंद किया जाए।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर आवागमन प्रतिबंधित
राजस्थान से हरिद्वार जाने वाले कांवड़ यात्रियों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। एडवाइजरी में कांवड़ियों के पैदल या वाहनों से इस एक्सप्रेस-वे पर आवागमन को प्रतिबंधित बताया गया है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा के लिए केवल प्रशासन द्वारा स्वीकृत और निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें। प्रतिबंधित मार्ग पर जाने से न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकता है।
मालवाहक वाहनों में यात्रियों को ले जाने पर रोक
पुलिस ने ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे मालवाहक वाहनों में कांवड़ यात्रियों को बैठाकर ले जाने पर भी रोक लगाई है। ऐसे वाहनों को यात्रियों के परिवहन के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता।
कांवड़ यात्रा के दौरान वाहन संचालकों को यात्रियों की संख्या, वाहन की क्षमता और निर्धारित यातायात नियमों का विशेष ध्यान रखना होगा। माल ढोने के लिए बने वाहनों का इस्तेमाल श्रद्धालुओं को ले जाने में करना दुर्घटना की आशंका बढ़ा सकता है।
बस, ट्रेन और ट्रक की छत पर यात्रा दंडनीय
एडवाइजरी में रेलगाड़ियों, बसों और ट्रकों की छत पर बैठकर यात्रा करने को पूर्णतः प्रतिबंधित एवं दंडनीय बताया गया है। छत पर बैठकर यात्रा करना जानलेवा हो सकता है, खासकर भीड़, तेज गति, बिजली की तारों और पुलों वाले मार्गों पर।
श्रद्धालुओं को केवल अधिकृत और सुरक्षित यात्री वाहनों का उपयोग करना चाहिए। वाहन की क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने या लटककर यात्रा करने से भी बचना होगा।
वाहन में LPG सिलेंडर ले जाने की अनुमति नहीं
कांवड़ यात्रा के दौरान खाना बनाने के लिए वाहनों में LPG सिलेंडर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यात्रा के दौरान गैस सिलेंडर रखने से आग लगने और विस्फोट का खतरा पैदा हो सकता है, विशेषकर तब जब वाहन भीड़भाड़ वाले रास्तों या अस्थायी शिविरों के पास खड़े हों।
यात्रियों को भोजन और पानी की व्यवस्था के लिए प्रशासन या अधिकृत सेवा शिविरों का उपयोग करना चाहिए। सड़क पर या वाहन के पास असुरक्षित ढंग से चूल्हा जलाने से भी बचना जरूरी है।
बड़ी कांवड़ और झांकियों को लेकर भी निर्देश
राजस्थान पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य सड़कों पर यातायात बाधित करने वाली मानक से अधिक बड़ी कांवड़ या झांकियां निकालने पर रोक लगाई है। इसका उद्देश्य सड़क पर आवागमन को सुचारु बनाए रखना और एंबुलेंस, दमकल या अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता खुला रखना है।
यात्रा आयोजकों को कांवड़ या झांकी का आकार तय करते समय सड़क की चौड़ाई, यातायात की स्थिति और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का ध्यान रखना होगा।
संदिग्ध वस्तु दिखे तो तुरंत पुलिस को बताएं
पुलिस ने श्रद्धालुओं से किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु या आपात स्थिति की सूचना नजदीकी पुलिस थाने या संबंधित हेल्पलाइन को देने की अपील की है। यात्रियों को खुद किसी संदिग्ध वस्तु को छूने या हटाने के बजाय पुलिस को सूचित करना चाहिए।
सुरक्षा जांच और एंटी-सबोटाज चेकिंग के दौरान पुलिसकर्मियों का सहयोग करना भी हर यात्री की जिम्मेदारी है। किसी अफवाह पर विश्वास करने के बजाय केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
क्या करें और क्या न करें
कांवड़ यात्रा के दौरान क्या करें
- मूल और वैध पहचान पत्र साथ रखें।
- निर्धारित कांवड़ मार्ग या स्वीकृत वैकल्पिक मार्ग से ही चलें।
- पुलिस और प्रशासन की जांच में सहयोग करें।
- संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
- स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और अन्य यात्रियों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें।
- वाहन में यात्रा करते समय सीट बेल्ट और अन्य सुरक्षा नियमों का पालन करें।
- बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
- पर्याप्त पानी और आवश्यक दवाएं साथ रखें।
कांवड़ यात्रा के दौरान क्या न करें
- हॉकी, डंडा, त्रिशूल, बेसबॉल बैट या हथियार साथ न ले जाएं।
- शराब और नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
- तेज आवाज में DJ न बजाएं।
- भड़काऊ गाने या नारे न लगाएं।
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर पैदल या वाहन से न जाएं।
- ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर यात्रा न करें।
- बस, ट्रेन या ट्रक की छत पर यात्रा न करें।
- वाहन में खाना बनाने के लिए LPG सिलेंडर न ले जाएं।
- सड़क रोककर बड़ी कांवड़ या झांकी न निकालें।
- विवाद की स्थिति में खुद कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को सूचना दें।
विवाद होने पर पुलिस करेगी तत्काल हस्तक्षेप
राजस्थान पुलिस ने यात्रा के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। यदि कांवड़ियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की स्थिति बनती है, तो पुलिस तत्काल हस्तक्षेप करेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि वे किसी बहस को बढ़ाने के बजाय शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन को सूचना दें।
कांवड़ यात्रा श्रद्धा, अनुशासन और सेवा की परंपरा से जुड़ी है। पुलिस की यह गाइडलाइन यात्रियों की आस्था पर रोक लगाने के बजाय यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जारी की गई है। यदि श्रद्धालु निर्धारित मार्ग, पहचान पत्र, ध्वनि सीमा और सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं, तो यात्रा को सुचारु बनाने में प्रशासन को भी सहयोग मिलेगा।
FAQs: कांवड़ यात्रा 2026 के नियमों से जुड़े सवाल
क्या कांवड़ यात्रा में त्रिशूल ले जा सकते हैं?
नहीं। राजस्थान पुलिस की एडवाइजरी में त्रिशूल, हॉकी, डंडे, बेसबॉल बैट और अन्य हथियार या नुकीली वस्तुओं को प्रतिबंधित किया गया है।
कांवड़ियों को कौन-सा पहचान पत्र रखना होगा?
यात्रियों को मूल और वैध पहचान पत्र साथ रखना होगा। आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र इसके उदाहरण हैं।
क्या कांवड़ यात्रा में DJ बजाया जा सकता है?
DJ पर पूर्ण रोक नहीं बताई गई है, लेकिन निर्धारित डेसीबल सीमा से अधिक तेज आवाज और धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गीतों या नारों की अनुमति नहीं होगी।
क्या ट्रैक्टर-ट्रॉली से कांवड़ यात्रा की जा सकती है?
मालवाहक वाहनों, जैसे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों को ले जाने पर रोक है। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और अधिकृत यात्री वाहनों का उपयोग करना चाहिए।
क्या दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से कांवड़िए जा सकते हैं?
नहीं। एडवाइजरी के अनुसार इस एक्सप्रेस-वे पर कांवड़ियों का पैदल या वाहनों से आवागमन प्रतिबंधित है।
संदिग्ध वस्तु मिलने पर क्या करना चाहिए?
संदिग्ध वस्तु को छूने के बजाय तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या हेल्पलाइन को सूचना देनी चाहिए।
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