एक दिन पहले रूट बदला, अब सोमवार तक अलग मार्ग
उदयपुर/इलाहाबाद: रेलवे ने उदयपुर को खजुराहो-बुंदेलखंड से जोड़ने वाली सबसे लंबी ट्रेनों में शुमार उदयपुर सिटी-खजुराहो एक्सप्रेस के सफ़र का नक्शा ही बदल दिया है। अब यह ट्रेन अगले दो दिन – 28 जुलाई (मंगलवार) और 29 जुलाई (बुधवार) को अपने तय रास्ते के बजाय झांसी-दैलवारा-बिरारी वाले परिवर्तित मार्ग से दौड़ेगी। बता दें कि पहले यही डायवर्जन 27-28 जुलाई के लिए प्रस्तावित था, जिसे एक दिन और आगे खींचा गया है।
क्या है असली वजह – बुनियादी तैयारी
दरअसल समस्या उदयपुर की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में है। यहाँ मऊ रानीपुर और रोरा स्टेशनों के बीच रेल पटरी पर बड़ा दोहरीकरण (ट्रैक डबलिंग) कार्य चल रहा है। साथ ही आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम भी लगाया जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के अधीन वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी) – मानिकपुर रेलखंड पर चल रहा है। इसी खंड के दोहरीकरण के चलते बुंदेलखंड में ट्रेन का सामान्य संचालन कुछ घंटों के लिए बाधित रहेगा।
कौन सी ट्रेनें बदलेगी मार्ग
| गाड़ी संख्या | गाड़ी का नाम | तारीख़ | रवानगी |
|---|---|---|---|
| 19666 | उदयपुर सिटी → खजुराहो एक्सप्रेस | 28 जुलाई 2026 | उदयपुर सिटी से |
| 19665 | खजुराहो → उदयपुर सिटी एक्सप्रेस | 29 जुलाई 2026 | खजुराहो से |
दोनों ट्रेनें डायवर्जन चार्ट के तहत बदले गए मार्ग से एकरोधी चलेंगी।
नया मार्ग ऐसे समझें
आगे का सफ़र (28 जुलाई):
रोज़मर्रा के रूट के बजाय अब 19666 एक्सप्रेस इस क्रम से गुज़रेगी –
उदयपुर सिटी → वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी) → दैलवारा → बिरारी → खजुराहो।
वापसी यात्रा (29 जुलाई):
खजुराहो से चलने वाली 19665 रिटर्न ट्रेन जब लौटेगी, तो उसका रास्ता उल्टा चलेगा –
खजुराहो → बिरारी → दैलवारा → वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी) → उदयपुर सिटी।
इसका मतलब साफ़ है कि झांसी-मानिकपुर के बीच का मऊ रानीपुर-रोरा लूप पूरी तरह स्किप कर दिया गया है।
उदयपुर की जनता पर क्या पड़ेगा असर?
घबराने की कोई ज़रूरत नहीं – ट्रेन रद्द नहीं हुई है। मगर कुछ बातें ध्यान रखने वाली हैं:
- सफ़र लंबा हो सकता है: बदले हुए मार्ग की चक्र-सफ़र की वजह से ट्रेन उदयपुर तय समय से थोड़ा लेट पहुंचेगी।
- कुछ छोटे स्टॉपेज छूटेंगे: जिन अंतरिम स्टेशनों से ट्रेन अब नहीं गुज़रेगी, वहां के यात्रियों को थोड़ी असुविधा हो सकती है। ख़ासकर वो यात्री जो मऊ रानीपुर, रोरा या हटा-हमीरपुर बेल्ट से सवार होते हैं या उतरते हैं – उन्हें आस-पास के वैकल्पिक स्टेशनों पर जाना होगा।
- यह दो दिनों का अस्थायी बदलाव है: कार्य पूरा होते ही ट्रेनें वापस अपने नियमित रूट पर आ जाएंगी।
रेलवे का क्या कहना है?
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) अमित सुदर्शन ने बताया कि हाल में डायवर्जन की तारीख़ों को एक दिन आगे शिफ़्ट किया गया है – पहले तय 27-28 जुलाई की जगह अब यह बदला मार्ग 28 और 29 जुलाई 2026 के लिए मान्य होगा। उनका कहना है कि यह तब्दीली डायवर्जन चार्ट के अनुसार अमल में आएगी। मतलब आगे भी किसी तकनीकी वजह से ट्रेनों का ठहराव और टाइमिंग में मामूली बदलाव संभव है।
यात्रियों के लिए ज़रूरी ए़डवाइज़री
रेलवे ने उदयपुर से यात्रा करने वालों को कुछ ज़रूरी सलाहें दी हैं:
- स्टेशन से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस ज़रूर देखें।
- दो भरोसेमंद ज़रिये हैं: रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 और NTES (नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम) ऐप।
- किराया या बर्थ बदलने से जुड़ा कोई चार्ज नहीं लगेगा; यह शुद्ध अभियांत्रिकीय रूट बदलाव है।
बड़ी तस्वीर: बुंदेलखंड कॉरिडोर का कायाकल्प
बहरहाल, झांसी-मानिकपुर-खजुराहो बेल्ट के दोहरीकरण का यह बड़ा फ़ायदा आने वाले महीनों में सामने आएगा। पटरी दोहरी होने से:
- लंबे ट्रेनों का आवागमन आसान होगा।
- अप-डाउन लेन अलग होने से विद्यमान रूट पर क्षमता बढ़ेगी।
- नई सिग्नलिंग से सफ़र जल्दी सुरक्षित होगा।
उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें इसी बेहतर इन्फ़्रास्ट्रक्चर पर भविष्य में और तेज़ होकर दौड़ेंगी।
दो लाइन में सार
उदयपुर-खजुराहो एक्सप्रेस का मार्ग 28-29 जुलाई 2026 को झांसी-दैलवारा-बिरारी होकर तय होगा। ट्रेन रद्द नहीं होगी, बस सफ़र थोड़ा लंबा हो सकता है। लाइव दर्जा-क्रम जानकारी हेल्पलाइन 139 और NTES ऐप से लें।