शेयर बाजार में अगले 9 दिन रोशनी से भरे रहने वाले हैं। निवेशकों के लिए IPO का ऐसा महाभारत शायद ही पहले देखा गया हो – जहां एक पखवाड़े के भीतर 11 कंपनियां अपने मेन-बोर्ड इश्यू लेकर आ रही हैं और पूंजी बाजार से सामूहिक रूप से 7,055 करोड़ रुपये उगाहने की तैयारी कर रही हैं। फर्नीचर रेंटल स्टार्टअप रेंटोमोजो से लेकर इलेक्ट्रिकल सेक्टर की कनोहर इलेक्ट्रिकल्स तक, हर सेक्टर की कंपनी इस मेले में शिरकत कर रही है।
क्या निकल रहा है बाजार से?
इस बार का IPO कॉरपोरेशन दोहरे तरीके से आगे बढ़ रहा है। कुल 7,055 करोड़ रुपये में से करीब 39% यानी 2,722 करोड़ रुपये फ्रेश इश्यू के जरिए आएंगे, जिसका पूरा फायदा कंपनियों की बैलेंस शीट को जाएगा। वहीं, 61% हिस्सा यानी 4,333 करोड़ रुपये OFS (ऑफर फॉर सेल) के रूप में होगा, जिसमें मौजूदा प्रमोटर और शुरुआती निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसा कैश करेंगे।
यह मार्केट का वह मुकाम है, जहां नए निवेशकों की भूख और पुराने निवेशकों की निकासी एक साथ चल रही है। इस साल अब तक लिस्ट होने वाली कंपनियों की संख्या 75 के आंकड़े को छू सकती है, और अकेले अगस्त में ही 23 कंपनियां अपने पब्लिक इश्यू लेकर आ चुकी थीं।
कब-कब खुलेंगे IPO? तारीखों का पूरा कैलेंडर
इश्यू का सिलसिला 7 सितंबर से शुरू होगा और 15 सितंबर तक चलेगा:
| तारीख | खुलने वाले IPO |
|---|---|
| 7-9 सितंबर | प्रणव कंस्ट्रक्शंस |
| 8-10 सितंबर | कनोहर इलेक्ट्रिकल्स, प्रसोल केमिकल्स, ग्लास वॉल सिस्टम्स |
| 9-11 सितंबर | रेंटोमोजो, करमतारा इंजीनियरिंग, मणिपाल पेमेंट, आर्सिल, LCC प्रोजेक्ट्स, स्टीमहाउस इंडिया |
| 10-15 सितंबर | वीगालैंड डेवलपर्स |
सबसे चर्चित बात यह है कि 9 सितंबर को एक साथ 6 कंपनियों के IPO खुलेंगे – ऐसा संयोग भारतीय बाजार में कम ही देखने को मिलता है।
पूरी लिस्ट एक नजर में: इश्यू साइज और प्राइस बैंड
| कंपनी | इश्यू साइज | प्राइस बैंड (₹) | अवधि |
|---|---|---|---|
| प्रणव कंस्ट्रक्शंस | ₹351 करोड़ | 118-124 | 7-9 सितंबर |
| कनोहर इलेक्ट्रिकल्स | ₹1,056 करोड़ | 601-632 | 8-10 सितंबर |
| प्रसोल केमिकल्स | ₹500 करोड़ | 643-676 | 8-10 सितंबर |
| ग्लास वॉल सिस्टम्स | ₹428 करोड़ | 172-182 | 8-10 सितंबर |
| रेंटोमोजो | ₹1,256 करोड़ | 384-404 | 9-11 सितंबर |
| करमतारा इंजीनियरिंग | ₹875 करोड़ | 241-254 | 9-11 सितंबर |
| मणिपाल पेमेंट | ₹805 करोड़ | 322-339 | 9-11 सितंबर |
| आर्सिल | ₹733 करोड़ | 132-139 | 9-11 सितंबर |
| LCC प्रोजेक्ट्स | ₹427 करोड़ | 139-146 | 9-11 सितंबर |
| स्टीमहाउस इंडिया | ₹414 करोड़ | घोषणा बाकी | 9-11 सितंबर |
| वीगालैंड डेवलपर्स | ₹210 करोड़ | 130-140 | 10-15 सितंबर |
चर्चा में तीन बड़े नाम
रेंटोमोजो – ‘रेंट अब स्टॉक भी’ वाला स्टार्टअप
फर्नीचर और होम-अप्लायंस रेंटल की दुनिया में अपनी पहचान बना चुका रेंटोमोजो 1,256 करोड़ रुपये के इश्यू के साथ आ रहा है। प्राइस बैंड 384-404 रुपये तय किया गया है, इश्यू 9 सितंबर को खुलेगा और 17 सितंबर को लिस्टिंग का रास्ता साफ है। कंपनी ने SEBI से मंजूरी हासिल कर ली है और उसका फ्रेश इश्यू हिस्सा करीब 150 करोड़ रुपये का है। सितंबर 2025 तक यह कंपनी 22 शहरों में अपना कारोबार चला रही थी। अमेरिकी वेंचर फंड Accel India का साथ इसके पीछे होना निवेशकों के लिए एक भरोसे की बात समझी जा रही है।
कनोहर इलेक्ट्रिकल्स – सबसे महंगे दाम वाला इश्यू
इस पूरी सूची में सबसे ऊंचा प्राइस बैंड कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का है – 601 से 632 रुपये प्रति शेयर। कंपनी 1,056 करोड़ रुपये जुटाएगी और इसके शेयर की फेस वैल्यू सिर्फ 2 रुपये है। लॉट साइज 23 शेयरों का है और रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) 3 सितंबर को ही SEBI के पास दाखिल हो चुका है।
करमतारा इंजीनियरिंग – बुनियादी ढांचे का दांव
ट्रांसमिशन टावर और एंगल सेक्शन बनाने वाली करमतारा 875 करोड़ रुपये का इश्यू लेकर आ रही है, जिसमें फ्रेश इश्यू का हिस्सा 675 करोड़ रुपये है। प्राइस बैंड 241-254 रुपये प्रति शेयर रखा गया है।
GMP क्या कह रहा है? (रिपोर्ट्स के अनुसार)
ग्रे मार्केट में इन इश्यू को लेकर माहौल गर्म है, हालांकि ये आंकड़े अनौपचारिक हैं और बदल सकते हैं:
- रेंटोमोजो: सब्सक्रिप्शन खुलने से पहले GMP करीब 14% बताया जा रहा है
- करमतारा: GMP इश्यू प्राइस से करीब 15% ऊपर चल रहा है
निवेशकों के लिए क्या मायने?
- OFS की बड़ी हिस्सेदारी – कुल उगाही का 61% पुराने शेयरधारकों की बिक्री से आ रहा है। यानी कई कंपनियां अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने से ज्यादा मौजूदा निवेशकों को एग्जिट दे रही हैं – ऐसे इश्यू में कंपनी की ग्रोथ स्टोरी की बजाय वैल्यूएशन पर गौर करना जरूरी है।
- एक साथ 6 IPO – फंड्स का बंटवारा होगा, हो सकता है कि कुछ इश्यू को उतना रिस्पॉन्स न मिले जितना अकेले में मिलता। यह स्मार्ट निवेशकों के लिए मौका भी हो सकता है।
- तारीखों का ध्यान रखें – कई इश्यू ओवरलैप हो रहे हैं (8-10 और 9-11 सितंबर), इसलिए बैंक बैलेंस और UPI लिमिट पहले से तैयार रखें।
- क्वालिटी चेक – सिर्फ GMP के पीछे मत भागिए; कंपनी के फाइनेंशियल्स, सेक्टर आउटलुक और इश्यू के फ्रेश/ओएफएस अनुपात को मिलाकर ही निर्णय लें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं। IPO में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। GMP के आंकड़े अनौपचारिक सूत्रों पर आधारित हैं और इनमें बदलाव संभव है। निर्णय लेने से पहले RHP/ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस पढ़ें और प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।
सोर्स: Rentomojo GMP | Karamtara | Rentomojo SEBI आंकड़े | SEBI – Kanohar RHP |
