राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए अपनी बहुप्रतीक्षित मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना 2026 का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस बार राज्य सरकार ने योजना के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसके तहत 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को देश-विदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और 27 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेगी।
सरकार का बड़ा सामाजिक-धार्मिक आउटरीच, 56 हजार वरिष्ठजन होंगे शामिल
देवस्थान विभाग की इस योजना के तहत इस वर्ष कुल 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा का लाभ दिया जाएगा। इनमें से 50 हजार यात्रियों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक रेल मार्ग से भेजा जाएगा, जबकि 6 हजार वरिष्ठ नागरिकों को हवाई मार्ग से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा कराई जाएगी। राज्य सरकार का उद्देश्य उम्र के इस पड़ाव पर उन नागरिकों को सम्मानजनक धार्मिक यात्रा उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक या शारीरिक कारणों से स्वयं ऐसी यात्रा नहीं कर पाते।
150 करोड़ का बजट, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल
योजना के लिए राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। देवस्थान विभाग के अनुसार, पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है ताकि पारदर्शिता और पहुंच दोनों सुनिश्चित की जा सकें। पात्र आवेदक स्वयं मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए आवेदन कर सकते हैं, जबकि डिजिटल सुविधा न होने पर ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से भी फॉर्म भरा जा सकेगा। विभाग का आधिकारिक पोर्टल Devasthan Department, Rajasthan है।
27 मई से 10 जून तक आवेदन, चयन होगा कंप्यूटरीकृत लॉटरी से
देवस्थान विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन 27 मई से शुरू होंगे और 10 जून अंतिम तिथि होगी। आवेदन की समयसीमा पूरी होने के बाद अंतिम चयन जिलेवार कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा। यह प्रक्रिया चयन में निष्पक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कौन कर सकेगा आवेदन, पात्रता की शर्तें क्या हैं
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है। न्यूनतम आयु 60 वर्ष निर्धारित की गई है। हवाई यात्रा श्रेणी में 80 वर्ष से अधिक आयु के आवेदकों को शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा आवेदक का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। योजना केवल उन लोगों के लिए है जो आयकरदाता नहीं हैं, और जिन्होंने पहले इस योजना के तहत यात्रा का लाभ नहीं लिया है।
वेलफेयर मॉडल के रूप में उभर रही योजना
राजस्थान की यह योजना केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी पहल नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिक कल्याण की व्यापक नीति का हिस्सा भी है। ट्रेन और हवाई दोनों माध्यमों को शामिल कर सरकार ने लाभार्थियों के लिए विकल्पों का दायरा बढ़ाया है। खास तौर पर पशुपतिनाथ जैसी अंतरराष्ट्रीय तीर्थ यात्रा को योजना में शामिल करना इसे अन्य राज्यों की पारंपरिक तीर्थ योजनाओं से अलग पहचान देता है।
क्या है इस घोषणा का व्यापक संदेश
वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना 2026 का ऐलान ऐसे समय में आया है जब सामाजिक सुरक्षा, आस्था और जन-हितैषी योजनाएं राजनीतिक तथा प्रशासनिक विमर्श के केंद्र में हैं। इस योजना के जरिए राजस्थान सरकार ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि राज्य की कल्याणकारी नीतियों में बुजुर्गों के सम्मान और सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है।
योजना एक नजर में
- योजना: वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026
- राज्य: राजस्थान
- आवेदन शुरू: 27 मई
- अंतिम तिथि: 10 जून
- कुल बजट: 150 करोड़ रुपये
- कुल लाभार्थी: 56,000
- रेल यात्रा: 50,000 वरिष्ठ नागरिक
- हवाई यात्रा: 6,000 वरिष्ठ नागरिक
- विशेष गंतव्य: पशुपतिनाथ मंदिर, नेपाल
- आवेदन माध्यम: ऑनलाइन / ई-मित्र
सारांश
राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026 के तहत 56 हजार बुजुर्गों को मुफ्त तीर्थ यात्रा कराने का फैसला किया है। 150 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना के लिए 27 मई से 10 जून तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। चयन जिलेवार कंप्यूटरीकृत लॉटरी से होगा, जबकि पात्रता के लिए 60 वर्ष आयु, राजस्थान का मूल निवासी होना और आयकरदाता न होना जैसी शर्तें लागू रहेंगी।
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