Sunday, September 13, 2026
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राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय: 12 से 16 सितंबर तक 35 जिलों में बारिश का अलर्ट, ये रहा जिलेवार पूर्वानुमान

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राजस्थान में इस बार मानसून ने विदा होने से पहले एक बार फिर अपना रुख बदल दिया है। विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के बीच ही मौसम विभाग ने प्रदेश के दर्जनों जिलों में बारिश की गतिविधियों का अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, आज प्रदेश के 35 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि अगले कुछ दिनों में कई संभागों में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ जमकर बरसात होने के आसार हैं।

इस बदलते मौसम का असर किसानों से लेकर आम नागरिकों तक, सब पर पड़ने वाला है। इसलिए मौसम विभाग ने कृषि उपज मंडियों और किसानों के लिए विशेष सलाह भी जारी की है। आइए, इस लेख में पूरे पूर्वानुमान को विस्तार से समझते हैं – किन जिलों में कब और कितनी बारिश होगी, किन इलाकों में सबसे ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी।

विदाई से पहले लौटा मानसून, बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना वजह

राजस्थान में मानसून ने जिस तरह से दस्तक दी थी, उसी अंदाज में अब विदाई से पहले एक और सक्रिय दौर की तैयारी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के चलते पश्चिमी राजस्थान सहित कई इलाकों में बादलों का प्रवेश हो रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार बारिश का यह दौर 15 से 16 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है।

12 से 16 सितंबर: इन संभागों में सबसे ज्यादा बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 12 से 16 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के 25 जिलों के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन व आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

खास बात यह है कि 13 और 14 सितंबर को कोटा व उदयपुर संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं। यानी इन दो दिनों में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के बड़े हिस्से में मूसलाधार बरसात देखने को मिल सकती है।

आज इन 35 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट

मौसम केंद्र जयपुर ने आज मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश को लेकर इन जिलों में अलर्ट जारी किया है:

पूर्वी राजस्थान: अजमेर, अलवर, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपुतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, उदयपुर

दक्षिण-पश्चिम राजस्थान: बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूम्बर, सिरोही, जालोर, पाली

पश्चिमी राजस्थान: बालोतरा, चूरू, डीडवाना-कुचामन, जोधपुर, नागौर, झुंझुनूं

जिलेवार पूर्वानुमान: किस दिन कहां कितनी बारिश?

अगले तीन दिनों के लिए मौसम विभाग ने जिलेवार विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। इसमें कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश की संभावना बताई गई है।

तारीखप्रमुख जिलेबारिश का अनुमान
13 सितंबरअजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, उदयपुर, बालोतरा, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर, पाली समेत 34 जिलेकहीं हल्की, कहीं भारी बारिश
14 सितंबरअजमेर, अलवर, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, जयपुर, झुंझुनूं, कोटा, सीकर, उदयपुर, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, पाली, फलौदी समेत 37 जिलेव्यापक स्तर पर बारिश
15 सितंबरअजमेर, अलवर, ब्यावर, भीलवाड़ा, जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, उदयपुर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जोधपुर, पाली, फलौदी, श्री गंगानगर समेत 26 जिलेकई जगह हल्की से मध्यम बारिश

किसानों और मंडियों के लिए मौसम विभाग की विशेष सलाह

भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने कृषि से जुड़े लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सलाह जारी की है।

  • किसान खुले में अनाज न रखें, तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करें
  • कृषि उपज मंडियों को भी अपने स्टॉक को भीगने से बचाने के लिए पर्याप्त प्रबंध करने को कहा गया है
  • फसल कटाई के बाद अनाज को पॉलीथिन या टारपोलिन से ढककर रखें
  • वज्रपात के समय खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न रहें

मेघगर्जन और वज्रपात से बचाव के उपाय

चूंकि अलर्ट में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली पर खास जोर दिया गया है, इसलिए आम नागरिकों को भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • गरज-चमक के दौरान ऊंची जगहों और खुले मैदानों से दूर रहें
  • पेड़ों के नीचे शरण न लें, बिजली का झटका लगने का खतरा रहता है
  • मोबाइल सहित बिजली से जुड़े उपकरणों का उपयोग कम करें
  • घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें
  • खाना पकाने वाले बर्तन, धातु के सामान से दूरी बनाए रखें

इस सीजन अब तक 24 प्रतिशत कम बारिश

दिलचस्प तथ्य यह है कि इस साल राजस्थान में मानसून का प्रदर्शन कमजोर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीजन में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में विदाई से पहले का यह सक्रिय दौर किसानों के लिए राहत भरा हो सकता है, बशर्ते बारिश का पानी फसलों को नुकसान पहुंचाने के बजाय उनके लिए वरदान साबित हो।

अहम बातें एक नजर में – Highlights

विवरणजानकारी
अलर्ट का प्रकारयेलो अलर्ट
अलर्ट वाले जिलेआज 35 जिले
अलर्ट की अवधि12 से 16 सितंबर
तेज बारिश का दौर13–14 सितंबर
सबसे ज्यादा असरकोटा और उदयपुर संभाग
प्रभावित संभागजयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर (25 जिले)
मुख्य जोखिममेघगर्जन, आकाशीय बिजली, भारी बारिश

आवश्यक सावधानियां:

  • किसान अनाज को खुले में रखने से बचें
  • मंडियां अनाज को ढककर रखें
  • वज्रपात के समय सुरक्षित स्थान पर रहें
  • नियमित मौसम अपडेट पर नजर रखें

FAQs: अक्सर लोग पूछते है

प्रश्न: राजस्थान के कितने जिलों में बारिश का अलर्ट जारी हुआ है?
उत्तर: मौसम केंद्र जयपुर ने आज प्रदेश के 35 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

प्रश्न: राजस्थान में भारी बारिश कब तक जारी रह सकती है?
उत्तर: मौसम विभाग के अनुसार 12 से 16 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कुछ रिपोर्ट्स में यह दौर 15-16 सितंबर तक बताया गया है।

प्रश्न: किन संभागों में सबसे ज्यादा बारिश होगी?
उत्तर: 13-14 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभाग में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। साथ ही जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के जिलों में भी अच्छी बारिश हो सकती है।

प्रश्न: किसानों के लिए मौसम विभाग ने क्या सलाह जारी की है?
उत्तर: विभाग ने किसानों और कृषि उपज मंडियों को खुले में अनाज न रखने और अनाज को भीगने से बचाने की विशेष सलाह दी है।

प्रश्न: क्या राजस्थान में इस सीजन बारिश कम हुई है?
उत्तर: हां, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस सीजन राजस्थान में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

निष्कर्ष

मानसून का यह आखिरी सक्रिय दौर राजस्थान के लिए मिलाजुला संदेश लेकर आया है। एक तरफ जहां कम बारिश के कारण सूखे की मार झेल रहे इलाकों को इस बरसात से राहत मिल सकती है, वहीं दूसरी तरफ कटी हुई फसल और खुले में रखा अनाज इससे नुकसान में पड़ सकता है। ऐसे में जरूरी है कि मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लिया जाए और किसानों से लेकर आम नागरिक तक, हर कोई आवश्यक सावधानी बरते। खासकर 13 और 14 सितंबर को कोटा-उदयपुर संभाग के लोगों को मौसम के तेवर पर विशेष नजर रखनी होगी। सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

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