Wednesday, October 21, 2026
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Aja Ekadashi 2026: कल है अजा एकादशी का पावन पर्व – जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र और पारण का पूरा विधान

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सनातन परंपरा में 24 एकादशियों में से हर एकादशी का अपना विशिष्ट महत्व है, लेकिन भादो कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी को अत्यंत फलदायी माना गया है। इस साल अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से जाने-अनजाने में हुए पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों में तो यहां तक वर्णन है कि अजा एकादशी का व्रत विधि-विधान से करने पर अश्वमेध यज्ञ और एक हजार गौदान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। आइए जानते हैं इस पावन दिन का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि, मंत्र और दान के विशेष उपाय।

अजा एकादशी 2026: तारीख और शुभ मुहूर्त

अवसरसमय
व्रत की तारीख7 सितंबर 2026 (सोमवार)
स्नान-दान मुहूर्त (ब्रह्म मुहूर्त)सुबह 5:49 से 6:32 बजे तक
प्रातः संध्या मुहूर्तसुबह 6:10 से 7:16 बजे तक
दोपहर पूजा मुहूर्त (अभिजित मुहूर्त)दोपहर 1:22 से 2:14 बजे तक
संध्या पूजा मुहूर्त (विजय मुहूर्त)शाम 4:00 से 4:51 बजे तक

अजा एकादशी की पूजन विधि (Step-by-Step)

चरण 1 – ब्रह्म मुहूर्त में जागरण:
अजा एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ-सफाई करें। शुभ मुहूर्त 5:49 से 6:32 बजे तक का है, इसलिए जल्दी उठें।

चरण 2 – शुभ स्नान:
स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। स्नान के पानी में गंगाजल मिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

चरण 3 – पूजा स्थल की स्थापना:
पूजा स्थल को साफ करके एक चौकी स्थापित करें और उस पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर रखें।

चरण 4 – पीले वस्त्र और तुलसी का अर्पण:
भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें। ध्यान रहे – तुलसी दल के बिना विष्णु पूजा अधूरी मानी जाती है।

चरण 5 – धूप, दीप और नैवेद्य:
चंदन, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। नैवेद्य में सात्विक भोजन रखें।

चरण 6 – मंत्र जाप और पाठ:
पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। सामर्थ्य हो तो विष्णु सहस्रनाम का पाठ अवश्य करें।

चरण 7 – कामना और प्रार्थना:
अंत में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी से परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और मंगल की कामना करें।

श्रीहरि के ये मंत्र करें जाप

अजा एकादशी पर इन मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना गया है:

ॐ उपेन्द्राय नमः

ॐ नमो नारायणाय

मंगलम भगवान विष्णु, मंगलम गरुड़ध्वजः।
मंगलम पुण्डरीकाक्ष, मंगलाय तनोहरिः।।

स्नान और दान का विशेष महत्व – किस समस्या के लिए क्या दान करें?

अजा एकादशी पर स्नान, ध्यान और दान को पुण्यकारी माना गया है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद को सात्विक वस्तुओं का दान करें। समस्या-अनुसार दान की परंपरा इस प्रकार है:

आपकी समस्या/कामनाशुभ दान
स्वास्थ्य संबंधी परेशानीअन्नदान
आर्थिक समस्यावस्त्र, जूते या छाता
शीघ्र विवाह की कामनाकेसर, केला या हल्दी
विवाद/मुकदमे से राहतगुड़ या मिठाई

पारण का विधान

एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि को किया जाता है। व्रत की पूर्णता पारण से ही होती है, इसलिए इसे कभी छोड़ें नहीं:

  • पारण 8 सितंबर को द्वादशी तिथि में, सूर्योदय के बाद करें।
  • पारण से पहले स्नान कर भगवान विष्णु का स्मरण करें और ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन/दान करें।
  • इसके बाद स्वयं सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें।
  • नोट: पारण का सटीक समय अपने क्षेत्र के पंचांग के अनुसार जांच लें, क्योंकि यह स्थान के सूर्योदय पर निर्भर करता है।

अजा एकादशी का महत्व: क्यों खास है यह व्रत?

  • पाप मुक्ति: जाने-अनजाने में किए गए पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है।
  • अश्वमेध समान फल: विधि-विधान से किए गए व्रत से अश्वमेध यज्ञ और हजार गौदान जितना पुण्य मिलने की मान्यता है।
  • लक्ष्मी-विष्णु कृपा: मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की संयुक्त कृपा से घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है।

FAQs: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. अजा एकादशी 2026 कब है?

अजा एकादशी 2026 में 7 सितंबर (सोमवार) को है। यह हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है।

Q2. अजा एकादशी का स्नान-दान मुहूर्त क्या है?

अजा एकादशी पर स्नान-दान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:49 से 6:32 बजे तक है। दोपहर की पूजा के लिए अभिजित मुहूर्त 1:22 से 2:14 बजे और शाम की पूजा के लिए विजय मुहूर्त 4:00 से 4:51 बजे तक है।

Q3. अजा एकादशी के व्रत से क्या फल मिलता है?

मान्यता है कि अजा एकादशी का व्रत और भगवान विष्णु की पूजा विधि-विधान से करने पर अश्वमेध यज्ञ और एक हजार गौदान के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। इस व्रत से जाने-अनजाने में किए गए पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है।

Q4. अजा एकादशी पर कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए?

इस दिन ‘ॐ उपेन्द्राय नमः’, ‘ॐ नमो नारायणाय’ और ‘मंगलम भगवान विष्णु…’ मंत्र का जाप करें। साथ ही विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी अत्यंत शुभ माना जाता है।

Q5. अजा एकादशी पर किस समस्या के लिए क्या दान करें?

स्वास्थ्य समस्या के लिए अन्नदान, आर्थिक समस्या के लिए वस्त्र-जूते या छाते का दान, शीघ्र विवाह के लिए केसर-केला या हल्दी का दान और मुकदमे से राहत के लिए गुड़ या मिठाई का दान करना शुभ माना गया है।

Q6. अजा एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे करें?

पारण अगले दिन द्वादशी तिथि को सूर्योदय के बाद करें। पारण से पहले स्नान कर भगवान विष्णु का स्मरण करें, ब्राह्मण या जरूरतमंद को भोजन-दान करें, फिर स्वयं सात्विक भोजन ग्रहण करें। सटीक पारण समय अपने क्षेत्रीय पंचांग से जांच लें।

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Gargi Hada
Gargi Hadahttp://theharawal.com
Gargi Hada is a Spiritual Correspondent at TheHarawal.com. She covers Rajasthan’s spiritual traditions, ancient temples, religious heritage, sacred places, and the stories that shape its cultural identity. Through her writing, she explores the region’s faith, traditions, and timeless spiritual heritage for the modern reader.

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