हर भारतीय रसोई की शान हींग पर अब बड़ा सवालिया निशान लग गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश की जानी-मानी कंपनियों एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोधू एंड कंपनी (LG ब्रांड यूनिट) की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश दिया है। वजह कोई और नहीं, बल्कि लैब जांच में उत्पाद की गुणवत्ता का मानकों से गिर जाना है – जहां जरूरी अर्क (extract) नाम मात्र का मिला, वहीं कच्ची हींग में स्टार्च की मात्रा चौंकाने वाली पाई गई।
मामला कैसे शुरू हुआ?
यह कार्रवाई किसी नियमित जांच का नतीजा नहीं थी, बल्कि एक ग्राहक की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में खुली। FSSAI ने मुंबई स्थित एवरेस्ट और LG ब्रांड की इकाइयों से कानूनी नमूने लिए। इसके अलावा गुजरात के उमरगांव स्थित एवरेस्ट की इकाई में भी गुजरात FDA के साथ मिलकर निरीक्षण और सैंपलिंग की गई।
आदेश 28 अगस्त 2026 को जारी हुआ और इसके साथ ही इन ब्रांड्स की कंपाउंडेड हींग (जिसे हम हींग पाउडर कहते हैं) की बिक्री पर तुरंत रोक लगा दी गई।
लैब रिपोर्ट ने क्या बताया?
FSSAI के नियमों के मुताबिक, कंपाउंडेड हींग (compounded asafoetida) एक वैध खाद्य श्रेणी है, जिसे कच्ची हींग में गम अरेबिक, स्टार्च और आटा मिलाकर तैयार किया जाता है। लेकिन इस मिश्रण में कच्ची हींग की असली मात्रा तय सीमा से कम नहीं होनी चाहिए। जांच में पाया गया:
| पैरामीटर | मानक (FSSAI नियम) | लैब में पाया गया |
|---|---|---|
| कंपाउंडेड हींग में अल्कोहल-घुलनशील अर्क | कम से कम 5% | मात्र 0 से 3% |
| कच्ची हींग में स्टार्च की मात्रा | अधिकतम 1% | 15 से 32% (6 नमूनों में) |
| कच्ची हींग में अल्कोहल-घुलनशील अर्क | कम से कम 12% | मानक के अनुरूप नहीं |
यानी जहां कंपाउंडेड हींग में असली हींग के अर्क की मात्रा नाम मात्र रह गई, वहीं कच्ची हींग में स्टार्च (मिलावट का सबसे आम जरिया) मानक से 15 से 32 गुना तक ज्यादा पाया गया।
इसका मतलब क्या है?
सीधी सी बात – जो हींग आप खरीद रहे हैं, उसमें असली हींग बहुत कम और मिलावट ज्यादा हो सकती है। FSSAI ने इन उत्पादों को ‘मिसब्रांडेड और सब-स्टैंडर्ड’ (गलत लेबल वाला व घटिया गुणवत्ता का) करार दिया है।
इतना ही नहीं, FSSAI ने कंपनियों को बाजार में पहले से मौजूद घटिया उत्पादों को स्वेच्छा से वापस मंगाने (वॉलंटरी रिकॉल) की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह दी है। साथ ही दोनों कंपनियों को बताना होगा कि वे गुणवत्ता की कमियां कैसे दूर करेंगी और आगे मानकों के मुताबिक उत्पादन कैसे सुनिश्चित करेंगी – यानी विस्तृत एक्शन प्लान जमा करना होगा।
घर बैठे कैसे जांचें हींग की शुद्धता?
FSSAI ने खुद घरेलू टेस्ट के आसान तरीके सुझाए हैं, जिन्हें कोई भी रसोई में आजमा सकता है:
- जलाने की जांच (बर्न टेस्ट): थोड़ी सी हींग आग पर जलाएं। शुद्ध हींग कपूर की तरह तेज लौ के साथ जलती है। अगर हींग धुएं के साथ जले या चटकने की आवाज आए, तो संदेह की गुंजाइश है।
- पानी में डालने की जांच: पानी में हींग डालें – असली हींग पानी में पूरी तरह नहीं घुलती, जबकि स्टार्च-मिली हींग पानी में सफेद तलछट (स्टार्च) छोड़ती है।
- लेबल पढ़ें: कंपाउंडेड हींग के पैकेट पर अल्कोहल-घुलनशील अर्क का प्रतिशत जरूर चेक करें।
अब आगे क्या?
बाजार में कंपनियों की ओर से रिकॉल प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, जबकि दुकानदारों के पास पुराना स्टॉक अब भी बिक सकता है। ऐसे में जानकार उपभोक्ता ही अपनी रसोई की सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। FSSAI की यह कार्रवाई एक बड़ा संकेत है कि देश के बड़े-बड़े ब्रांड भी गुणवत्ता की कसौटी से बाहर नहीं हैं – और नियामक अब हर स्तर पर सख्त नजर रख रहा है।
हींग हो या कोई और मसाला – खरीदते समय ब्रांड के साथ-साथ गुणवत्ता के निशान और मानकों को जरूर पढ़ें। आपकी सेहत आपके हाथ में है।
FAQs: अक्सर लोग पूछते है ?
1. किन कंपनियों की हींग पर FSSAI ने रोक लगाई है?
एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोधू एंड कंपनी (LG ब्रांड यूनिट) की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।
2. लैब जांच में क्या गड़बड़ी मिली?
कंपाउंडेड हींग में जरूरी अल्कोहल-घुलनशील अर्क (कम से कम 5%) की जगह सिर्फ 0-3% मिला, जबकि कच्ची हींग के नमूनों में स्टार्च 15-32% (मानक: अधिकतम 1%) पाया गया।
3. कार्रवाई कहां-कहां हुई?
मुंबई में एवरेस्ट और LG ब्रांड की इकाइयों से नमूने लिए गए, जबकि गुजरात के उमरगांव स्थित एवरेस्ट इकाई में गुजरात FDA के साथ निरीक्षण हुआ।
4. कंपनियों पर और क्या जिम्मेदारी डाली गई?
बाजार में मौजूद घटिया उत्पादों को स्वेच्छा से वापस मंगाने (वॉलंटरी रिकॉल) की सलाह दी गई है और गुणवत्ता सुधार के लिए एक्शन प्लान जमा करने को कहा गया है।
5. कंपाउंडेड हींग क्या होती है?
कच्ची हींग में गम अरेबिक, स्टार्च और आटा मिलाकर बनाई जाने वाली हींग को कंपाउंडेड हींग कहते हैं – पर इसमें कच्ची हींग की असली मात्रा तय मानक से कम नहीं होनी चाहिए।
नोट: घरेलू जांच के तरीके FSSAI के आधिकारिक सुझावों पर आधारित हैं।
