मानसून अपडेट: राजस्थान के 3 संभागों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें पूरे हफ्ते का हाल

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मानसून अपडेट: राजस्थान के 3 संभागों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें पूरे हफ्ते का हाल
हरावल

जयपुर/उदयपुर। राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर अपना रुख बदला है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत दी है, लेकिन मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और मानसून ट्रफ लाइन की सक्रियता के चलते 25 और 26 अगस्त को प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादल जमकर बरस सकते हैं। जहां एक ओर जयपुर-कोटा-भरतपुर संभाग में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है, वहीं उदयपुर सहित दक्षिणी राजस्थान में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं।

मानसून का पूरा सिस्टम: कम दबाव का क्षेत्र बना आकर्षण का केंद्र

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के मुताबिक, फिलहाल झारखंड के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बना हुआ है। यही नहीं, यह सिस्टम उत्तरी ओडिशा, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के आसपास भी सक्रिय नजर आ रहा है। वहीं मानसून ट्रफ लाइन जम्मू और देहरादून से गुजरते हुए अमृतसर और निजामाबाद तक फैली हुई है। इन दोनों मौसमी सिस्टम के मेल से अगले दो से तीन दिनों तक पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।

इसी सिस्टम का असर बीते 24 घंटों में भी साफ दिखा। राज्य में सबसे ज्यादा बारिश सवाई माधोपुर जिले के नादोती में दर्ज की गई, जहां 120 मिलीमीटर पानी बरसा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अलवर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, सवाई माधोपुर और टोंक जिलों में कई स्थानों पर भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।

25-26 अगस्त: किस संभाग में कितनी बारिश? जिलेवार पूर्वानुमान

मौसम केंद्र ने 25 और 26 अगस्त के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं उदयपुर और अजमेर संभाग के जिलों तथा शेखावाटी क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के राष्ट्रीय स्तर के बुलेटिन में भी पूर्वी राजस्थान में 25 से 27 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

संभाग/क्षेत्रबारिश का पूर्वानुमान (25-26 अगस्त)
कोटा संभागमध्यम से भारी बारिश, कुछ इलाकों में तेज बरसात
भरतपुर संभागमध्यम से भारी बारिश के आसार
जयपुर संभागमध्यम से भारी बारिश, कई स्थानों पर झमाझम
उदयपुर संभागहल्की से मध्यम बारिश, कहीं-कहीं तेज हवा के साथ
अजमेर संभाग व शेखावाटीहल्की से मध्यम बारिश
जोधपुर-बीकानेर (पश्चिमी राजस्थान)मानसून कमजोर, बारिश की गतिविधियां बेहद सीमित

दक्षिणी राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम

उदयपुर की बात करें तो शहरवासियों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग के अनुसार 25-26 अगस्त को उदयपुर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों की तुलना में यहां बारिश की तीव्रता कम रहने का अनुमान है। वहीं मौसमी सिस्टम के चलते उदयपुर समेत कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बादल गरजने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आंधी की चेतावनी में उदयपुर का नाम भी शामिल है।

कुछ अन्य मौसम अपडेट में 26-27 अगस्त को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में बारिश के आसार बताए गए हैं। यानी उदयपुर में दो दिन गुजरने के बाद भी बादलों का डेरा बना रह सकता है। इस बीच उदयपुर जिले के सलूंबर जैसे इलाकों में पहले भी तेज बारिश देखी जा चुकी है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के मामले सामने आते रहे हैं।

झीलों की नगरी की झीलें: पिछोला-फतहसागर-उदयसागर का जलस्तर

मानसून की बारिश ने उदयपुर की विश्व प्रसिद्ध झीलों की स्थिति में भी जबरदस्त सुधार किया है। रिपोर्ट के अनुसार सीसारमा नदी से पानी की लगातार आवक के बाद पिछोला झील का जलस्तर 6 फीट से बढ़कर 9.2 फीट तक पहुंच गया है, जबकि फतहसागर झील ने 8 फीट का आंकड़ा पार कर लिया है।

वहीं हालिया अपडेट में पिछोला झील का जलस्तर 10 फीट तक पहुंचने की सूचना है। कैचमेंट एरिया से पानी की आवक इतनी तेज हुई कि प्रशासन को एहतियातन फतहसागर झील में अतिरिक्त पानी छोड़ना पड़ा। वहीं उदयसागर बांध का जलस्तर 21 फीट तक पहुंच चुका है, जो इसकी 24 फीट की कुल भराव क्षमता के बेहद करीब है। अधिकारियों ने सुरक्षा के मद्देनजर उदयसागर झील के गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू कर दी है।

झीलहालिया जलस्तरस्थिति
पिछोला झील9.2 से 10 फीटसीसारमा नदी से आवक जारी
फतहसागर झील8 फीट से अधिकअतिरिक्त पानी छोड़ा गया
उदयसागर झीललगभग 21 फीट24 फीट क्षमता के करीब, गेट खोले गए

झीलों के आसपास के निचले इलाकों में रहने वालों के लिए यह समय सतर्क रहने की जरूरत का है। पानी की आवक बढ़ने पर झीलों के किनारे घूमने आने वाले पर्यटकों को भी सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

27 अगस्त से बदलेगा मौसम का मिजाज

पूर्वी राजस्थान में लगातार हो रही बारिश के बाद अब सिस्टम के कमजोर पड़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग ने 27 अगस्त से 2 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान जताया है। हालांकि राहत की बात यह है कि कोटा संभाग के कुछ इलाकों में 27 और 28 अगस्त को हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। यानी पूर्वी राजस्थान में अभी एक-दो दिन बादल बरसने के बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने लगेगा।

पश्चिमी राजस्थान: मानसून कमजोर, पारा 38 तक

जहां पूर्वी राजस्थान बारिश की चपेट में है, वहीं पश्चिमी राजस्थान की तस्वीर बिल्कुल अलग है। मौसम विभाग के मुताबिक जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले एक सप्ताह तक मानसून की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। सीमावर्ती इलाकों में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। यानी प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग-अलग रहेगा – एक तरफ बादलों की चादर, तो दूसरी तरफ तपती धूप।

किसानों और यात्रियों के लिए सलाह

बारिश का यह दौर फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, लेकिन मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। किसान भाइयों को खेतों में खड़ी फसलों की निकासी करते समय आसमानी बिजली और तेज हवाओं का ध्यान रखना चाहिए। खुले में काम करने वाले मजदूरों को बादल गरजने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की जरूरत है।

यात्रियों और आम नागरिकों के लिए भी कुछ जरूरी बातें हैं:

  • नदी-नालों को पार न करें – तेज बारिश में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, ऐसे में पुलिया और नाले के पास न जाएं
  • निचले इलाकों से दूरी – जलभराव वाले इलाकों व झीलों के किनारे जाने से बचें
  • बिजली के खंभों से दूरी – गिरे तारों के संपर्क में आने से बचें, आसमानी बिजली के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे न खड़े हों
  • मौसम पूर्वानुमान पर नजर – अपने जिले का मौसम बुलेटिन देखते रहें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें

क्या कहता है आईएमडी?

भारतीय मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार पूर्वी राजस्थान में 25 से 27 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में भी 25-26 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हो सकती है। इसके साथ ही कई जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।IMD बुलेटिन

निष्कर्ष

राजस्थान में अगले दो दिन मौसम का मिजाज पूर्वी हिस्सों में बारिश के साथ रहेगा, जबकि उदयपुर सहित दक्षिणी राजस्थान में हल्की से मध्यम बरसात से मौसम सुहावना बना रहेगा। झीलों की नगरी उदयपुर के लिए खुशखबरी यह है कि मानसून की रहमत से पिछोला, फतहसागर और उदयसागर जैसी प्रमुख झीलें छलकने के करीब पहुंच गई हैं, जिससे शहर की पेयजल समस्या का समाधान होने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। हालांकि बारिश के इस दौर में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है — मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें।

मुख्य तथ्य एक नजर में:

  • सर्वाधिक बारिश: सवाई माधोपुर के नादोती में 120 मिमी (बीते 24 घंटे)
  • भारी बारिश वाले जिले: अलवर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, सवाई माधोपुर, टोंक
  • अलर्ट अवधि: 25-26 अगस्त, उसके बाद 27 अगस्त से गतिविधियां कम
  • पश्चिमी राजस्थान: जोधपुर-बीकानेर में मानसून कमजोर, तापमान 36-38°C
  • उदयपुर: हल्की से मध्यम बारिश; पिछोला 9.2-10 फीट, फतहसागर 8+ फीट, उदयसागर ~21 फीट

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