राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: ऑपरेशन सिंदूर के हीरो जीतेंद्र मिश्रा बने पहले CEO, गोविंद देव गिरि को मिली नई जिम्मेदारी

0
12
राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव: ऑपरेशन सिंदूर के हीरो जीतेंद्र मिश्रा बने पहले CEO, गोविंद देव गिरि को मिली नई जिम्मेदारी
हरावल

राम मंदिर ट्रस्ट को मिले पहले CEO! रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को सौंपी कमान – महासचिव बने गोविंद देव गिरि, ट्रस्ट में हुई पहली महिला ट्रस्टी की एंट्री

अयोध्या से बड़ी खबर: सेवा का दायित्व अब वायुसेना के अनुशासन को

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के इतिहास में बुधवार का दिन एक नए अध्याय की शुरुआत बन गया। लंबी खोज, 5,400 से अधिक आवेदनों की छंटाई और तीन नामों की फाइनल शॉर्टलिस्ट के बाद आखिरकार ट्रस्ट को अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिल गया – रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा। ट्रस्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को हुई बैठक में यह ऐतिहासिक घोषणा की, और इसके साथ ही प्रशासनिक ढांचे में इतना बड़ा फेरबदल किया कि मंदिर की व्यवस्था अब ‘सेवकों की मर्यादा’ से ‘पेशेवर प्रबंधन’ की ओर बढ़ती दिख रही है।

एक नज़र में पूरा फेरबदल – किसे मिली कौन सी कमान?

पदनामखास बात
CEO (पहले)एयर मार्शल (रिटा.) जीतेंद्र मिश्रासैन्य अनुशासन और प्रशासनिक अनुभव के लिए चुने गए
महासचिवगोविंद देव गिरिपूर्व कोषाध्यक्ष, नई भूमिका में
कोषाध्यक्षमहेश भागचंदका (दिल्ली)नए ट्रस्टी बनने के साथ ही खजाने की जिम्मेदारी
नए ट्रस्टीमहेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय (अयोध्या के अधिवक्ता), निर्मला यादव (शिकोहाबाद)निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी

सबसे अहम बात यह कि नए CEO और कोषाध्यक्ष अब सीधे महासचिव गोविंद देव गिरि को रिपोर्ट करेंगे। यानी एक साफ पदानुक्रम (हायरार्की) बन गया है – जिसे विशेषज्ञ ट्रस्ट के प्रशासन को ‘कॉरपोरेट स्टाइल’ में ढालने की कोशिश मान रहे हैं।

CEO के चयन की कहानी: 5,400 आवेदनों से लेकर आखिरी मुहर तक

यह नियुक्ति कोई साधारण प्रक्रिया नहीं थी। बीते कई महीनों से यह चर्चा जोरों पर थी कि ट्रस्ट को प्रोफेशनल CEO की जरूरत है:

  • मई-जून: CEO पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए, 5,400 से अधिक लोगों ने इच्छा जताई।
  • 22 जुलाई की बैठक: इस बैठक में CEO का नाम तय होना था, लेकिन चयन समिति ने आवेदनों की पड़ताल के लिए और वक्त मांगा – मामला एक महीने के लिए टल गया।
  • 13 अगस्त: समिति ने 16 आवेदकों को शॉर्टलिस्ट किया, जिनमें से तीन नाम फाइनल हुए। चयन समिति में रिटायर्ड जज प्रमोद कोहली और विष्णु कांत चतुर्वेदी जैसे नाम शामिल थे।
  • 2 सितंबर: ट्रस्ट की बैठक में तीनों में से अंतिम नाम पर मुहर लगी और कमान एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा के हाथों सौंपी गई।

सूत्रों के मुताबिक, मिश्रा की सैन्य पृष्ठभूमि, राष्ट्रीय सुरक्षा और बड़े संगठनों के प्रबंधन का अनुभव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी गई – खासकर तब, जब मंदिर में रोजाना लाखों की भीड़ को संभालना और चढ़ावे की पारदर्शी व्यवस्था ट्रस्ट की सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है।

चढ़ावा विवाद के तीन महीने बाद आया ‘शेकअप’

इस पूरे फेरबदल की पृष्ठभूमि में एक बड़ा विवाद है – मंदिर के चढ़ावे (दान) में कथित चोरी का मामला। करीब तीन महीने पहले यह कांड सामने आया था, जिसके बाद ट्रस्ट ने अपने धार्मिक पैनल का पुनर्गठन किया और एसआईटी जांच की घोषणा की। इसी दौरान पूर्व महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया था। 6 जुलाई की बैठक में चढ़ावे की राशि और उसके खर्च का पूरा ब्योरा ट्रस्ट के सामने रखा गया था।

इसलिए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि CEO की नियुक्ति केवल एक पद भरने का फैसला नहीं, बल्कि पारदर्शिता और पेशेवर प्रबंधन की ओर ट्रस्ट का रुख है। ट्रस्ट ने यह भी ऐलान किया है कि मंदिर प्रशासन के लिए एक पेशेवर टीम तैयार होगी, जिसमें इंजीनियर, वित्त विशेषज्ञ और करीब 1,500 से 2,000 कर्मचारी शामिल किए जाएंगे।

पहली महिला ट्रस्टी: निर्मला यादव की ऐतिहासिक एंट्री

इस बैठक का एक और ऐतिहासिक पहलू है – निर्मला यादव। शिकोहाबाद (फिरोजाबाद) की रहने वाली निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बनी हैं। वहीं अयोध्या के अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय और दिल्ली के उद्यमी महेश भागचंदका अन्य दो नए ट्रस्टी हैं। तीनों नए सदस्यों के शामिल होने के साथ ट्रस्ट का विस्तार हुआ है, और पहली बार महिला प्रतिनिधित्व ने इसे एक नया सामाजिक आयाम दिया है।

आगे क्या? मंदिर प्रबंधन का नया रोडमैप

क्षेत्रनई योजना
सुरक्षा व भीड़ प्रबंधनपेशेवर टीम और बेहतर तकनीकी निगरानी
वित्तीय पारदर्शिताचढ़ावे का ब्योरा, ऑडिट व्यवस्था मजबूत
प्रशासन1,500-2,000 कर्मचारियों की स्ट्रक्चर्ड टीम
रिपोर्टिंगCEO-कोषाध्यक्ष → महासचिव गोविंद देव गिरि

सूत्रों के अनुसार, CEO की नियुक्ति के बाद अब ट्रस्ट विभिन्न पैनलों – निर्माण, धार्मिक, वित्त – में भी नई नियुक्तियाँ करेगा, ताकि मंदिर परिसर का संचालन नियमित और पारदर्शी ढंग से चल सके।

FAQs: राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO से जुड़े सवाल

1. राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO कौन बना?
पूर्व एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा। उनका चयन 5,400 से अधिक आवेदनों की प्रक्रिया के बाद हुआ।

2. नया महासचिव और कोषाध्यक्ष कौन है?
महासचिव – गोविंद देव गिरि (पूर्व कोषाध्यक्ष); कोषाध्यक्ष – महेश भागचंदका (दिल्ली)।

3. ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी कौन बनी?
शिकोहाबाद की निर्मला यादव।

4. CEO नियुक्ति की जरूरत क्यों पड़ी?
चढ़ावा चोरी कांड के बाद पारदर्शी और पेशेवर प्रशासन की मांग उठी थी; पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद यह प्रक्रिया तेज हुई।

5. नए CEO की रिपोर्टिंग किसके पास होगी?
नए CEO और कोषाध्यक्ष दोनों महासचिव गोविंद देव गिरि को रिपोर्ट करेंगे।

इसे भी पढ़ें – उदयपुर-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी: 9 स्टेशन, जानें रूट-किराया-टाइमिंग सबकुछ

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here