राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव से ठीक पहले दोनों प्रमुख दलों – भाजपा और कांग्रेस – के मुख्यालयों में इन दिनों एक ही सवाल उबल रहा है: सूची जारी करें, या नहीं? टिकट के नाम लगभग तय हो चुके हैं, फिर भी दोनों पार्टियां अपने प्रत्याशियों की लिस्ट थामे बैठी हैं। वजह साफ है – नामांकन की अंतिम तारीख सोमवार (31 अगस्त) को होनी है, और पार्टियां नहीं चाहतीं कि जिन दावेदारों को टिकट नहीं मिलेगा, उन्हें बगावत की तैयारी का मौका मिले।
इसीलिए दोनों दलों ने “देर से सूची, तुरंत नामांकन” वाली रणनीति अपनाई है – रविवार रात लिस्ट जारी होगी, ताकि नाराज दावेदारों के पास विरोध, निर्दलीय ताल ठोकने या भीतरघात की कोई गुंजाइश ही न बचे।
क्यों छुपा रही हैं पार्टियां अपनी सूची?
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि समय से पहले सूची जारी होना किसी भी दल के लिए भारी पड़ सकता है। अगर लिस्ट जल्दी आ गई, तो टिकट से वंचित दावेदारों के पास पूरा वक्त होगा –
- निर्दलीय नामांकन करने का,
- पार्टी के दफ्तरों में धरना-प्रदर्शन करने का,
- और सबसे खतरनाक – चुनाव में अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार को नुकसान पहुंचाते हुए भीतरघात (दल बदलू समीकरण) बनाने का।
यही वजह है कि दोनों दल सूची को अंतिम क्षण तक गुप्त रखने की कोशिश में हैं, ताकि बागियों को संभलने का समय ही न मिले।
कांग्रेस का प्लान: 150 वार्ड, 3-3 नामों का पैनल, रविवार रात पहली सूची
जयपुर – कांग्रेस ने तीन दिन के लगातार मंथन के बाद 150 वार्डों के लिए हर वार्ड में तीन-तीन नामों का पैनल तैयार कर लिया है। अब पार्टी घर-घर जाकर सर्वे करा रही है – कि इन तीन में से किस दावेदार की जीत की संभावना सबसे ज्यादा है।
इस चयन प्रक्रिया में पार्टी की चारों कमेटियां सक्रिय हैं:
| समिति | अध्यक्ष |
|---|---|
| कैंपेन कमेटी | सुनील शर्मा (जिला कांग्रेस अध्यक्ष) |
| स्टीयरिंग कमेटी | प्रताप सिंह खाचरियावास |
| अनुशासन कमेटी | अमीन कागजी |
| पॉलिटिकल कमेटी | रफीक खान |
शहर जिला कांग्रेस प्रभारी रोहित बोहरा और सह प्रभारी रघुवीर सिंह राठौड़ भी इन बैठकों में शामिल रहे। तमाम मंथन के बाद कांग्रेस रविवार रात पहली सूची जारी करने की तैयारी में है।
भाजपा की रणनीति: 5-5 नाम से 3-3 का पैनल, फिर रविवार रात लिस्ट
भाजपा ने भी लगभग यही रोडमैप बनाया है। पार्टी ने शुक्रवार को विधायकों, मंत्रियों और इच्छुक प्रत्याशियों से हर वार्ड के लिए 5-5 नाम ले लिए थे। शनिवार को इन्हें छांटकर तीन-तीन नामों का पैनल बनाया जाएगा और फिर रविवार रात उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी जाएगी।
दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने पहले ही साफ कर दिया है – जल्दबाजी में कोई सूची जारी नहीं होगी। पार्टी मान रही है कि टिकट बंटवारे को लेकर अंदरूनी नाराजगी रोकने का सबसे कारगर तरीका यही है कि लिस्ट इतनी देर से आए कि विरोध के लिए वक्त ही न बचे।
टिकट का नया गणित: अब “विधायक राज” नहीं, “जीत क्षमता” की बाजी
इस बार दोनों दलों के टिकट वितरण में पुराने फॉर्मूले से हटकर नया समीकरण देखने को मिल रहा है। कांग्रेस में तो खुलेआम चर्चा है कि “विधायक राज” खत्म हो गया है – यानी अब सिर्फ इसलिए टिकट नहीं मिलेगा कि किसी विधायक या बड़े नेता ने किसी दावेदार का नाम आगे बढ़ाया है।
दोनों पार्टियों की ओर से एक ही दावा किया जा रहा है: टिकट उसे मिलेगा जो जीत सकता है, भले ही वह किसी नेता की निजी पसंद न हो। इसीलिए सर्वे और वार्ड-स्तरीय जनमत पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
मांग का अंदाजा इसी से लगाइए – अकेले जोधपुर नगर निगम के लिए कांग्रेस के पास 750 से ज्यादा आवेदन पहुंच चुके हैं।
मैदान में सिर्फ दो दल नहीं – तीसरे मोर्चे की चुनौती
जहां भाजपा और कांग्रेस सूची छुपाने की जुगाड़ में लगी हैं, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने जयपुर नगर निगम में 11 प्रत्याशियों की सूची पहले ही जारी कर दी है – यानी बाकी दल देर से लिस्ट जारी करने का जो दांव खेल रहे हैं, उसका फायदा तीसरे मोर्चे को मिल सकता है।
चुनाव कार्यक्रम एक नज़र में
राज्य चुनाव आयोग ने राज्य के 309 नगरीय निकायों के चुनाव दो चरणों में कराने का कार्यक्रम जारी किया है:
| घटना | तारीख |
|---|---|
| नामांकन की अंतिम तारीख | सोमवार, 31 अगस्त 2026 |
| पहला चरण – मतदान | 9 सितंबर 2026 |
| दूसरा चरण – मतदान | 11 सितंबर 2026 |
| नतीजे | 14 सितंबर 2026 |
इनमें जयपुर-जोधपुर समेत छह नगर निगमों के चुनाव भी शामिल हैं।
आगे क्या?
- रविवार रात – दोनों दलों की पहली सूची आने की पूरी संभावना; रात में जारी होने से बागियों के पास विरोध का समय नहीं बचेगा।
- सोमवार (31 अगस्त) – नामांकन की अंतिम तिथि; अगर कोई दावेदार सूची से बाहर हुआ तो अंतिम समय तक निर्दलीय फॉर्म भरने का दबाव बनेगा।
- अगले दो हफ्ते – प्रचार का शोर, और सबसे बड़ा सवाल: क्या “देर से आई सूची” वाकई बगावत को रोक पाएगी, या अंदरूनी गुटबाजी का जख्म सतह पर आएगा?
चुनावी नतीजे 14 सितंबर को सब कुछ तय कर देंगे – तब पता चलेगा कि सूची देर से जारी करने का गणित किस पार्टी के पक्ष में गया।
FAQs:
1. निगम चुनाव में मतदान कब होगा?
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में दो चरणों में मतदान होगा – पहला चरण 9 सितंबर और दूसरा चरण 11 सितंबर 2026।
2. भाजपा और कांग्रेस सूची देर से क्यों जारी कर रही हैं?
दोनों दलों को डर है कि सूची जल्दी जारी होने पर टिकट से वंचित दावेदार निर्दलीय उतरेंगे, विरोध करेंगे और पार्टी के ही उम्मीदवार के खिलाफ भीतरघात कर सकते हैं। इसलिए लिस्ट रविवार रात जारी की जाएगी।
3. नामांकन की अंतिम तारीख कब है?
सोमवार, 31 अगस्त 2026 – यानी सूची जारी होने के अगले ही दिन।
4. कांग्रेस ने कितने वार्डों के लिए पैनल तैयार किया है?
कांग्रेस ने 150 वार्डों के लिए तीन-तीन नामों का पैनल तैयार किया है और अब सर्वे के आधार पर अंतिम नाम तय कर रही है।
5. नतीजे कब घोषित होंगे?
14 सितंबर 2026 को सभी निकायों के नतीजे घोषित किए जाएंगे।
